नगरीय स्वास्थ्य केंद्र इलाहीबाग, निजामपुर और जाफरा बाजार में कम ही मरीज आ रहे इलाज को
तकनीशियन के अभाव में दो साल से मरीजों की नहीं हो रही जांच
गोरखपुर। जिले के नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति बदहाल है। सोमवार को इलाहीबाग, निजामपुर और जाफरा बाजार स्थित स्वास्थ्य केंद्रों पर इलाज के लिए बहुत ही कम मरीज पहुंचे। कई जगह डॉक्टर व कर्मचारी तो थे लेकिन जांच सुविधाओं का अभाव, तकनीशियन की कमी और खराब पड़ी मशीनें मरीजों की जेबें ढीली कर रही हैं।
दोपहर 12:05 बजे हजारीबाग स्थित नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर 18 मरीज इलाज करा चुके थे। चिकित्सा अधिकारी डॉ. अर्पणा मल्ल समेत फॉर्मासिस्ट, एएनएम और स्टाफ नर्स मौजूद थीं। डॉक्टर एक मरीज का उपचार कर रही थीं। यहां पंजीकरण रजिस्टर का रखरखाव ठीक नहीं था। कर्मचारियों ने बताया कि डॉक्टर की नियुक्ति हाल में ही हुई है। व्यवस्था सुधारने का प्रयास हो रहा है।
दोपहर 12:40 बजे निजामपुर स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर और अन्य कर्मचारी मरीजों के आने की प्रतीक्षा कर रहे थे। चिकित्सा अधिकारी डॉ. सद्दाफ परवीन ने बताया कि सुबह से अब तक 29 मरीज इलाज के लिए आए। केंद्र पर दो साल से कोई लैब टेक्नीशियन नहीं है। ऐसे में सीवीसी और हेल्थ एटीएम जैसी जांच मशीनें धूल फांक रही हैं। जांच नहीं होने के कारण मरीजों को दूसरे केंद्रों या अस्पताल में भेजना पड़ता है।
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हेल्थ एटीएम खराब, नहीं हो पा रहीं जरूरी जांचें
दोपहर 1:10 बजे जाफरा बाजार स्थित केंद्र पर एक मरीज त्वचा संक्रमण की दवा लेकर जाते मिला। केंद्र पर आठ कर्मचारियों की नियुक्ति है। डॉ. अरुण वर्मा किसी कार्यवश सीएमओ ऑफिस गए हुए थे, जबकि फॉर्मासिस्ट केंद्र पर मौजूद नहीं थे। एक दिन पहले फॉर्मासिस्ट साप्ताहिक अवकाश पर थे। यहां सुबह से 34 मरीजों का इलाज हुआ था। केंद्र पर हेल्थ एटीएम मशीन खराब पड़ी है। इससे मरीजों की जरूरी जांच नहीं हो पा रही है। कर्मचारियों ने बताया कि इसकी मरम्मत के लिए पत्र लिखा गया है।