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UP: 'शाम है धुआं-धुआं...', लड़कियों को देख बाल अपचारी गाते हैं गाना, करते हैं इशारे; पड़ोसियों को देते गालियां

Thu, 25 Sep 2025 03:37 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर

सार

गोरखपुर के शिवपुर सहबाजगंज स्थित बाल सुधार गृह के अपचारियों से आसपास के लोग परेशान हैं। बाल अपचारी लड़कियों और महिलाओं को अश्लील इशारे करते हैं। साथ ही गालियां भी देते हैं। पड़ोसी परेशान हैं।
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बाल सुधार गृह के आसपास रहने वाले लोग बेहद परेशान - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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गोरखपुर के गुलरिहा इलाके के शिवपुर सहबाजगंज स्थित बाल सुधार गृह के आसपास रहने वाले लोग इन दिनों बेहद परेशान हैं। यहां बाल अपचारी अक्सर खिड़कियों से झांककर लोगों से गालीगलौज करते हैं और महिलाओं-लड़कियों को देखकर अश्लील इशारे कर रहे हैं। 
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आसपास रहने वाले लोग छत पर जाने से भी कतराने लगे हैं। मोहल्लेवालों का कहना है कि बाल अपचारी लड़कियों को देखकर गाते हैं- शाम है धुआं-धुआं...।
बुधवार शाम इसी कॉलोनी के निवासी मोहित सिंह जब छत पर गए तो बाल अपचारियों ने उन्हें गालियां देनी शुरू कर दीं। 

उन्होंने तुरंत इसकी सूचना गुलरिहा पुलिस को दी। पुलिस के पहुंचने के पहले ही स्थानीय लोग पहुंच गए और बाल सुधार गृह प्रशासन से लिखित शिकायत की। इस दौरान गालीगलौज करते हुए बाल अपचारियों का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिससे लोगों में आक्रोश और बढ़ गया।

स्थानीय लोगों ने बताया कि करीब एक साल पहले सूरजकुंड से यहां दो मंजिला बिल्डिंग में बाल सुधार गृह को शिफ्ट किया गया था। शुरुआत से ही लोगों ने इसका विरोध किया और उच्च अधिकारियों से भी शिकायत की लेकिन यहां से हटाया नहीं गया।
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पड़ोसियों का कहना है कि बाल अपचारी कई बार आपस में मारपीट कर चुके हैं। तेज आवाज में भोजपुरी अश्लील गाने बजाने, तेज आजाज में टीवी चलाने और सुधार गृह से भागने की कोशिश जैसी घटनाएं भी हो चुकी हैं। 

 

ताजा घटनाक्रम के बाद उत्तरी गेट के पास रहने वाले 8–10 परिवार परेशान हैं और उन्होंने पुलिस व बाल सुधार गृह प्रशासन से लिखित शिकायत की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
 

इस संबंध में बाल सुधार गृह के प्रभारी अधीक्षक संतोष कुमार का कहना है कि घटना की जानकारी मिलते ही बाल अपचारियों को समझाया गया है।

डांट-फटकार का कोई असर नहीं ... पड़ोसियों का जीना मुहाल
राजकीय बाल संप्रेषण गृह (बाल सुधार) में महिलाओं को देखकर फूहड़ गाना गाने का मामला पहला नहीं है। आसपास रहने वालों के मुताबक, बीते 27 मई को भी बाल अपचारियों ने ऐसा ही किया। उनकी हरकतों से परेशान होकर लड़कियों और महिलाओं ने छत पर जाना छोड़ दिया था। 
 

इससे पहले वर्ष 2024 में भी बाल अपचारियों की हरकतों से तंग आकर मोहल्लेवालों ने विरोध प्रदर्शन किया था। तब मोहल्ले वालों ने बाल सुधार गृह को कहीं और शिफ्ट करने की मांग की थी।
 

आसपास के रहने वाले लोगों को कहना था कि शिकायत के बाद कुछ दिन तक बाल अपचारियों को डांट-फटकार लगाई गई तो शांत रहे, लेकिन अब उन्होंने दोबारा वहीं हरकत शुरू कर दी है। शाम होते ही बाल अपचारी छत पर टहल रहीं महिलाओं और लड़कियों को देखकर गाली देते हैं। युवतियों को देखकर अश्लील इशारे करते हैं। इनकी हरकतों से हर कोई परेशान है।
 
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किराए पर संचालित होती है दो मंजिला बाल सुधार गृह
शिवराजपुर सहबागंज स्थित पूर्वांचल ग्रामीण सेवा समिति (कैथोलिक संस्था) में पहले बाल सुधार गृह संचालित होता था। जब से यहां किराए पर बाल सुधार गृह शिफ्ट हुआ तब से मोहल्लेवासियों की समस्याएं शुरू हो गईं। स्थानीय महिलाओं से प्रशासन से बाल सुधार गृह को हटाकर शहर के बाहर शिफ्ट करने की मांग की है।
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