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Gorakhpur News: बहनों को बचाने की कोशिश में डूबने में समय लगा, मछुआरों ने सकीना को बचा लिया

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तीन किशोरियों की राप्ती नदी में डूबने से मौत का मामला
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कैंपियरगंज (गोरखपुर)। राप्ती नदी में डूबती बहनों को सकीना ने बचाने की खूब कोशिश की थी। हालांकि उसे तैरना नहीं आता था लेकिन उसने बहनों को बचाने के लिए हाथ-पांव तेजी से चला रही थी। इससे डूबने में उसे कुछ समय लगा। इसी बीच मछुआरे पहुंच गए और सकीना को बाहर निकाल लिया। जब तक तीनों किशोरियों को बचाते जाते वे नदी में डूब चुकी थीं।
यह जानकारी घटना के दौरान मौजूद नजरिन और परिवार वालों से मिली। जानकारी के अनुसार, मिरिहिरिया गांव के पास राप्ती नदी में आफरीन, साबरीन, नाजिया और सकीना नहा रही थीं। इसी दौरान चारों डूबने लगीं। नजरिन और परिवार वालों के अनुसार, डूबने के दौरान सकीना ने बहनों को बचाने की कोशिश की। हालांकि उसे खुद तैरने नहीं आता था। नदी किनारे दो वर्षीय मासूम के साथ बैठी नजरिन के यह शोर मचाया तो मछुआरे पहुंच गए। उन्होंने सकीना को बचा लिया। इधर, दूसरे दिन एसडीआरएफ की टीम ने नदी में बुधवार सुबह सात बजे से रेस्क्यू अभियान चलाया। साबरीन के शव को डेढ़ बजे व नाजिया के शव को शाम चार बजे बरामद कर कर लिया।
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आफरीन और साबरीन ने इसी वर्ष पास की थी हाईस्कूल की परीक्षा
उमस भरी गर्मी से निजात पाने के लिए आए दिन राप्ती नदी में नहाना दो सगी व एक चचेरी बहन को महंगा पड़ गया। घटना के बाद तीनों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। दो सगी बहन आफरीन और साबरीन की मां नाजिमा खातून बेटियों को याद कर बार-बार अचेत हो जा रही थीं। ग्रामीणों ने बताया कि आफरीन और साबरीन के पिता की मौत आठ वर्ष पहले हो चुकी हैं। दोनों गरीब परिवार से हैं। पिता की मौत के बाद उसकी मां चारों बच्चों को संभाल रही थीं। परिजनों ने बताया कि आफरीन और साबरीन इसी वर्ष श्रीमती कैलाशी पांडेय कन्या इंटरमीडिएट कॉलेज मूसावर कैंपियरगंज से फर्स्ट डिवीजन से हाईस्कूल की परीक्षा पास की थी।
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गांव में पसरा रहा सन्नाटा
कैंपियरगंज के मिरिहिरिया गांव में तीन किशोरियों की मौत के बाद गांव में सन्नाटा पसरा रहा। मंगलवार शाम से गांव के कई घरों में चूल्हा नहीं जले थे। तीनों किशोरियों की मौत के बाद घरवालों का रो-रोकर हाल बुरा था। इजराइल और मुस्तकीम के परिवार के अलावा पूरे मोहल्ले में मंगलवार देर शाम से ही चूल्हा नहीं जला था। शव मिलने के बाद ग्रामीणों व रिश्तेदार का आना-जाना देर शाम तक लगा रहा। आर्थिक स्थिति कमजोर देख गांव के प्रधान भवानी शंकर, दीपू पांडेय, बाबूराम, गिरीश, जगदंबा, भाजपा नेता संगम द्विवेदी ने मृतक के परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की।
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