महाराणा प्रताप महाविद्यालय करेगा दो दिवसीय आयोजन की मेजबानी
आध्यात्मिक विचारक आचार्य मिथिलेशनंदिनी शरण होंगे उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि
गोरखपुर। महाराणा प्रताप महाविद्यालय, जंगल धूसड़ में महाकुंभ की परंपरा, अनुष्ठान और महत्ता पर अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन होगा। कला संकाय के तत्वावधान में 22 और 23 फरवरी को होने वाली संगोष्ठी के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि सुपरिचित संत, आध्यात्मिक विचारक एवं सिद्धपीठ श्रीहनुमन्निवास धाम अयोध्या के महंत आचार्य मिथिलेशनंदिनी शरण होंगे।
समापन सत्र के मुख्य अतिथि अपोलो मल्टीस्पेशयलिटी हॉस्पिटल कोलकाता के वरिष्ठ कार्डियोथोरेसिक एवं वैस्कुलर सर्जन डॉ. भबातोष विश्वास होंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुभकामना संदेश भेजकर महाकुंभ पर अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी के आयोजन को अभिनंदनीय बताया।
सीएम ने अपने संदेश में कहा कि प्रयागराज के पावन संगम तट पर आयोजित हो रहा महाकुंभ विश्व का विशालतम आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक समागम है। महाकुंभ 2025 पर आयोजित हो रही अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी की आयोजन समिति की सदस्य एवं महाराणा प्रताप महाविद्यालय, जंगल धूसड़ की उप प्राचार्या शिप्रा सिंह ने बताया कि प्रयागराज महाकुंभ की दिव्यता, भव्यता, सुव्यवस्था और सम सामयिकता के दृष्टिगत अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में महाकुंभ की परंपरा से लेकर अद्यतनता पर विमर्श होगा।
शुभारंभ 22 फरवरी को पूर्वाह्न 11 बजे होगा, जबकि समापन समारोह 23 फरवरी को दिन में 12 बजे से होगा। उद्घाटन सत्र में विशिष्ट अतिथि के रूप में काशी हिंदू विश्वविद्यालय में आयुर्वेद संकाय के आचार्य प्रो. के रामचंद्र रेड्डी और त्रिभुवन विश्वविद्यालय नेपाल में संस्कृत विभाग के आचार्य डॉ. सुबोध कुमार शुक्ल की सहभागिता होगी।
समापन सत्र में दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में रक्षा अध्ययन विभाग के आचार्य प्रो. हर्ष कुमार सिन्हा और भारतीय इतिहास अनुसंधान परिषद नई दिल्ली के सदस्य सचिव डॉ. ओमजी उपाध्याय विशिष्ट अतिथि होंगे।
कॉलेज की उप प्राचार्य शिप्रा सिंह ने कहा कि महाकुंभ के आयोजन की जड़ें हजारों वर्षों पुरानी हैं। इस बार प्रयागराज महाकुंभ के आयोजन ने अब तक के सारे रिकाॅर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। महाकुंभ के सभी सारगर्भित आयामों को लेकर हो रही अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में कई शोधपत्र भी प्रस्तुत किए जाएंगे।