नदियों का जलस्तर बढ़ने से मंडराया बाढ़ का खतरा, प्रशासन ने राहत संबंधी तैयारियां तेज कीं
गोरखपुर। सरयू नदी बृहस्पतिवार को देवरिया जिले के बरहज में खतरे के निशान से 60 सेमी ऊपर पहुंच गई। नदी अयोध्या में भी खतरे के निशान से 31 सेमी ऊपर बह रही है। वहीं राप्ती नदी में भी 27 सेमी की बढ़त हुई है। हालांकि नदी का जलस्तर अब स्थिर हो गया है।
वहीं रोहिन नदी का जलस्तर नीचे आने लगा है। सरयू और राप्ती के बढ़ते जलस्तर की वजह से गोला तहसील के बड़हलगंज इलाके के बगहा देवार, ज्ञानकोल और जैतपुर गांव पानी से घिर गए हैं। वहीं डेरवा से बैरियाखास गांव जाने वाले संपर्क मार्ग पर राप्ती नदी का पानी बहने लगा है।
केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक, सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। अयोध्या से लेकर बरहज तक नदी लगातार बढ़ रही है। सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता के मुताबिक, सरयू नदी नेपाल से निकल कर बहराइच, अयोध्या, बस्ती और देवरिया के बरहज होते बलिया में गंगा नदी में मिलती है। इस समय गंगा नदी में पानी अधिक होने के कारण सरयू का पानी उसमें जा नहीं पा रहा है। इस वजह से सरयू का जलस्तर निचले इलाकों में लगातार बढ़ रहा है। बृहस्पतिवार शाम पांच बजे सरयू नदी बरहज में खतरे के निशान से 60 सेंटीमीटर ऊपर बह रही थी।
गोरखपुर शहर से सटे बहने वाली राप्ती नदी का जलस्तर पिछले तीन दिन में तेजी से बढ़ा है। बुधवार शाम से बृहस्पतिवार सुबह आठ बजे के बीच नदी के जलस्तर में लगभग 27 सेंटीमीटर की बढ़त दर्ज की गई लेकिन उसके बाद से यह स्थिर है। नदी अभी खतरे के निशान से 1.52 मीटर नीचे है। रोहिन नदी तेजी से बढ़ने के बाद अब नीचे आने लगी है। रोहिन अब खतरे के निशान से 1.82 मीटर नीचे बह रही है। गोर्रा नदी भी खतरे के निशान से पौने दो मीटर नीचे बह रही है।
वर्जन
सरयू नदी का जलस्तर बढ़ा है लेकिन इस समय कहीं कटान नहीं हो रहा है। सभी जगह अभी स्थिति सामान्य है। सतत निगरानी जारी है।
-विकास कुमार सिंह, मुख्य अभियंता, सिंचाई विभाग