पूर्व चेयरमैन के घर से कुछ दस्तावेज कब्जे में लिया, तीन रेलकर्मियों के आवास पर संपत्तियों का जुटाया ब्योरा
आलमारी खुलवाकर गहनों की ली जानकारी, संपत्तियों के दस्तावेज की फोटोकॉपी साथ ले गए
डेयरी कॉलोनी में एक रेलकर्मी का गेट बंद होने पर चहारदीवारी कूद कर घुसे टीम के सदस्य
गोरखपुर। सहायक लोको पायलट और तकनीशियन भर्ती में अनियमितता की जांच करने आई सीबीआई टीम ने पूर्व चेयरमैन पीके राय और तीन रेलकर्मियाें के आवास पर तीन घंटे तक रही। टीम ने सर्च के दौरान घर का एक-एक कोना खंगाला और सभी की संपत्तियों का ब्योरा जुटाया। आलमारी के लॉकर में रखे गहने, बैंक पासबुक, जमीन-आवास के दस्तावेज सहित संपत्तियों का ब्योरा लिया। पूर्व चेयरमैन के घर कुछ दस्तावेजों को भी कब्जे में ले लिया।
सूत्रों के मुताबिक, सीबीआई की टीम पूर्वाह्न 11 बजे सबसे पहले डेयरी कॉलोनी स्थित एक कर्मचारी के आवास पर पहुंची। आवास का गेट बंद होने के बाद टीम के सदस्य चहारदीवारी कूदकर परिसर में पहुंच गए। कर्मचारी आवास पर नहीं मिले, लेकिन टीम ने घर में अन्य सदस्यों के सामने घर का एक-एक खंगाला। आलमारी खुलवाकर जांच-पड़ताल की। गहनों के बारे में जानकारी ली। इसके बाद टीम तीन गाड़ियों से कौवाबाग स्थित पूर्व चेयरमैन व जटेपुर रेलवे कॉलोनी में दो अन्य रेलकर्मियों के घर एक साथ पहुंची। सूत्रों की मानें तो टीम ने पहले घर के सदस्यों से पूछताछ की और इसके बाद गहनता से जांच की। पूर्व चेयरमैन के घर से टीम को अहम दस्तावेज भी हाथ लगे हैं। बताया जा रहा है कि टीम सभी के संपत्तियों की भी जांच कर रही है।
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आरआरबी के एक और पूर्व चेयरमैन के घर जाने की चर्चा
रेलवे भर्ती में हुई अनियमितता की जांच करने आई सीबीआई की टीम के रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) के पूर्व चेयरमैन नुरुद़दीन अंसारी के घर भी जाने की चर्चा है। सूत्रों की मानें तो टीम उनके घर पहुंची थी लेकिन पूर्व चेयरमैन नहीं मिले। पूर्व चेयरमैन को बिना परीक्षा के फर्जी नियुक्ति देने के मामले में पहले ही निलंबित किया जा चुका है।
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वर्ष 2024 में भी आरआरबी के चेयरमैन पर गिरी थी गाज
रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) गोरखपुर में 2024 में भी एक भर्ती घोटाला सामने आया था। इसमें दो रेलकर्मियों, कार्यालय अधीक्षक चंद्र शेखर आर्य और निजी सचिव (द्वितीय) राम सजीवन, ने अपने बेटों को बिना किसी परीक्षा या दस्तावेजों की जांच के ही फिटर के पद के लिए पैनल में शामिल कर लिया था। यह घोटाला तब सामने आया जब 26 अप्रैल, 2024 को जारी पैनल में इन दोनों के बेटों, राहुल प्रताप और सौरभ कुमार, को बिना परीक्षा दिए, बिना मेडिकल टेस्ट के और बिना अभिलेखों की जांच कराए ही मॉडर्न कोच फैक्ट्री रायबरेली में फिटर के पद पर नियुक्त कर दिया गया। इस घोटाले के सामने आने के बाद, आरआरबी गोरखपुर के अध्यक्ष को निलंबित कर दिया गया था और भर्ती प्रक्रिया रोक दी गई थी। फर्जीवाड़ा करने वाले दोनों रेलकर्मियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया था।
इन मामलों में भी हुई थी कार्रवाई
2016 : सीबीआई ने गोरखपुर में रेलवे के एक निर्माण परियोजना में कथित अनियमितताओं की जांच के लिए छापेमारी की थी।
2023 : सीबीआई ने एक रेलवे अधिकारी को 3 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा और उसके घर पर भी छापेमारी की।
2024 : सीबीआई ने गोरखपुर रेलवे के एक स्टोर डिपो में छापेमारी की और दो अधिकारियों और चार कर्मचारियों के घरों की तलाशी ली।