स्वास्थ्य केंद्रों पर सर्पदंश और रैबीज का उपचार उपलब्ध
पिपराइच, सहजनवां, बांसगांव और खजनी में एंटीवेनम की सबसे अधिक मांग
गोरखपुर। मानसून के दौरान सर्पदंश और पालतू/जंगली जानवरों के काटने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। इसे देखते हुए सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) और प्रमुख प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) पर सर्पदंश की दवा एंटीवेनम इंजेक्शन उपलब्ध करा दी गई है। एंटी रैबीज टीके (एआरवी) भी जिला अस्पताल और दो पीएचसी चरगांवा व ब्रह्मपुर में उपलब्ध कराए गए हैं।
इन दिनों बीआरडी मेडिकल काॅलेज, जिला अस्पताल सहित स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रतिदिन दो से चार सर्पदंश के मरीज आ रहे हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश झा ने बताया कि जिले में कुल 19 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और सात प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ऐसे हैं, जहां एंटीवेनम इंजेक्शन उपलब्ध है। पिपराइच, सहजनवां, बांसगांव और खजनी की सीएचसी पर हर साल सर्पदंश के सबसे अधिक मामले सामने आते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए इन क्षेत्रों में अतिरिक्त दवाएं भेजी गई हैं।
सीएमओ ने बताया कि एंटी रैबीज का टीका फिलहाल जिला अस्पताल, चरगावां और ब्रह्मपुर पीएचसी में उपलब्ध है। शेष स्थानों पर भी जल्द टीकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। विभाग यह सुनिश्चित करने में जुटा है कि किसी भी मरीज के इलाज में देरी नहीं हो। यदि किसी मरीज को सरकारी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र पर एंटीवेनम नहीं मिलता है तो वह तत्काल शिकायत करें। जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। सर्पदंश या किसी भी जानवर के काटने की स्थिति में घबराएं नहीं और तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल जाएं। घर पर झाड़-फूंक या देरी जानलेवा हो सकती है।