बुधवार की देर रात तक 500 से अधिक मूर्तियां प्रवाहित
गोरखपुर। मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की प्रतिमाओं का विसर्जन बुधवार शाम शुरू हुआ। देर रात तक शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में 500 से अधिक प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। भक्तों ने आरती, भजन और जयकारों के बीच देवी-देवताओं को विदा किया।
नगर निगम के आंकड़ों के अनुसार, नगर क्षेत्र में कुल 984 लक्ष्मी प्रतिमाएं स्थापित थीं, जबकि पूरे जिले में यह संख्या 3313 रही। बुधवार को अधिकांश सार्वजनिक पंडालों में भंडारा और हवन के उपरांत शोभायात्रा के रूप में विसर्जन यात्रा निकाली गई। एसएसपी के निर्देश पर प्रत्येक प्रतिमा के साथ नियुक्त नोडल पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में यह प्रक्रिया शांतिपूर्वक संपन्न हुई। राप्ती तट के एकला बांध, डोमिनगढ़ और महेसरा में बनाए गए पांच कृत्रिम पोखरों में बुधवार को 226 लक्ष्मी प्रतिमाओं का विधिवत विसर्जन किया गया।
नगर निगम के अवर अभियंता, सफाई निरीक्षक और कर्मचारी स्थल पर मौजूद रहे। सुरक्षा और स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए हाइड्रा और जेसीबी मशीनें भी तैनात की गईं। विसर्जन जुलूस में भक्तों ने डीजे की धुनों, आरती और नारों के साथ मां लक्ष्मी को विदा किया। महिलाएं कलश लेकर आगे चलीं, जबकि युवा श्रद्धालु पटाखों और पुष्पवर्षा से माहौल को भक्तिमय बनाते रहे। पूरा शहर देर रात तक “जय मां लक्ष्मी” और “गणपति बप्पा मोरया” के जयकारों से गूंजता रहा।