पीडब्ल्यूडी की दीवार की सुरक्षा के बहाने कचरा किनारे पर जमा कर रहा निगम
गोरखपुर। राप्ती नदी पर बने हार्बर्ट बांध की सुरक्षा के नाम पर नगर निगम नदी के किनारे कचरा डाल रहा है, जबकि राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) और सुप्रीम कोर्ट ने नदी क्षेत्र में कचरा फेंकने पर प्रतिबंध लगा रखा है।
लोक निर्माण विभाग ने बांध के चौड़ीकरण के दौरान नई रिटेनिंग वॉल बनाई थी। नगर निगम अब इस दीवार की सुरक्षा के बहाने नदी में कचरा डाल रहा है। इसके अलावा, बहरामपुर कॉलोनी का रास्ता बनाने के नाम पर भी कचरे का डंपिंग जारी है। शुक्रवार को हार्बर्ट बांध पर कई ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को कचरा लेकर खड़े देखा गया।
उधर, जमुआड़ स्थित फ्रेश वेस्ट बायो ट्रामल प्लांट बारिश के कारण बंद हो गया है। प्लांट की तरफ जाने वाली सड़क खराब है। सड़क खराब होने के कारण यहां कूड़ा वाहन नहीं जा पा रहे हैं। निगम इसका कूड़ा भी नदी किनारे फेंक रहा है। हेरिटेज फाउंडेशन की डॉ. अनिता अग्रवाल ने बताया कि कचरा डालने से रिटेनिंग वॉल सुरक्षित नहीं होगी, बल्कि बारिश में यह नदी में बहकर जल प्रदूषण बढ़ाएगा।
जोनल सेनेटरी अधिकारी अखिलेश श्रीवास्तव ने बताया कि जमुआड़ प्लांट जल्द फिर से शुरू होगा और बहरामपुर में नया प्लांट लगाया जाएगा। सुथनी में चारकोल प्लांट से कचरा प्रबंधन का स्थायी समाधान निकलेगा।