खाद्य सुरक्षा विभाग ने डिब्बे में रखकर पनीर बेचने वालों की जांच की
गोरखपुर। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने शनिवार को खजनी रोड और अस्पताल रोड पर पनीर बेचने वालों की जांच की। जांच के दौरान स्वच्छता मानकों की खुलकर अनदेखी सामने आई। अधिकांश दुकानदार पनीर को जिस डिब्बे में रखते हैं, उसी में बर्फ डाल देते हैं ताकि पनीर ठंडा रहे लेकिन यह संक्रमण फैलाने वाला हो सकता है। इससे पनीर में बैक्टीरिया पनपने की आशंका बढ़ जाती है जो उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है।
शहर में खजनी रोड, सिक्सलेन, अस्पताल रोड, मेडिकल कॉलेज रोड, गोरखनाथ मंदिर रोड समेत कई जगह ग्रामीण क्षेत्र से बाइक से दूध विक्रेता डिब्बे में रखकर पनीर भी बेचते हैं।वे जिस डिब्बे में पनीर रखते हैं, उसे ठंडा करने के लिए उसमें बर्फ डाल देते हैं। खजनी रोड के जिस बर्फ खाना से ये लोग बर्फ लेते हैं, पिछले दिनों उसकी जांच हुई तो काफी गंदगी मिली। रविवार को खाद्य सुरक्षा विभाग के अफसरों ने बाइक पर पनीर बेचने वालों की जांच की तो पता लगा कि पनीर वाले डिब्बे में सीधे ही बर्फ डाली गई थी। बर्फ पिघलती है तो पनीर उस पानी को सोख लेता है। ऐसे में बर्फ पर अगर बैक्टीरिया हुए तो वह पनीर में चले जाएंगे। इससे कभी भी संक्रमण फैल सकता है।
अब पनीर विक्रेताओं का भी होगा पंजीकरण, जारी होगा पहचान पत्र
शहर में बाहर से आकर पनीर बेचने वालों का भी खाद्य सुरक्षा विभाग पंजीकरण कराएगा। साथ ही परिचय पत्र भी जारी किया जाएगा। इससे एक तो दुकानों पर निगरानी हो सकेगी, दूसरे कोई अपंजीकृत व्यक्ति अगर पनीर बेचते पकड़ा गया तो उस पर विधिक कार्रवाई हो सकेगी। इसके लिए सोमवार से ही प्रक्रिया शुरू होगी। पनीर में बर्फ न मिले इसके लिए यह भी व्यवस्था होगी।
वर्जन
पनीर में मिलावट की सबसे अधिक शिकायत है। अब तक ही जांच में सबसे अधिक नमूने भी पनीर के ही फेल हुए हैं। पनीर के डिब्बे में बर्फ डालना खतरनाक है। इससे संक्रमण का खतरा है। इसीलिए तय किया गया है कि अब पनीर विक्रेताओं का भी पंजीकरण होगा।
- डॉ. सुधीर कुमार सिंह, सहायक आयुक्त, खाद्य