पांच हजार लोगों के बैठने की थी व्यवस्था, दोगुने से अधिक पहुंचे लोग
तेज धूप व उमस भरी गर्मी के बीच राष्ट्रपति की झलक देखने को बेताब रहे लोग
गोरखपुर। महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय के लोकार्पण समारोह में मंगलवार को जनसैलाब उमड़ पड़ा। समारोह में कुल पांच हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई थी, लेकिन दोगुने से अधिक लोग पहुंच गए। पीछे बड़ी संख्या में लोग खड़े रहे। पुलिसकर्मियों ने व्यवस्था संभालने में वालंटियर्स की भी मदद ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की एक झलक पाने के लिए लोगों में गजब का उत्साह नजर आया।
आयुष विश्वविद्यालय का लोकार्पण समारोह पूर्वाह्न 11:30 बजे से निर्धारित था। इसमें शामिल होने के लिए लोगों को साढ़े 10 बजे तक पहुंचने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि लोग सुबह आठ बजे से ही पहुंचने लगे थे। मुख्य पंडाल के अगल-बगल दो पंडाल बने थे। मुख्य पंडाल में आम लोगों के लिए बने पहले घेरे में उन्हीं लोगों को जगह मिल पाई, जो नौ बजे तक पहुंच सके थे। इसके बाद तीनों पंडाल में दूसरे, तीसरे और चौथे घेरे में लोग अपने लिए सीट तलाशते रहे।
सुबह 9:30 बजे भटहट से लेकर आयुष विश्वविद्यालय तक मेले जैसा माहौल रहा। आयुष विश्वविद्यालय के गेट पर भी प्रवेश के लिए लोगों की लंबी कतारें दिखीं। सड़क से लेकर परिसर और पंडाल तक लोगों की भीड़ जुटी थी। निर्धारित समय से विलंब से पहुंचने के कारण बड़ी संख्या में लोगों को बाहर से ही निराश होकर लौटना पड़ा।
...
बारिश से बचे लेकिन उमस ने किया बेहाल
सोमवार को हुई बारिश से आयुष विश्वविद्यालय में पंडाल के नीचे पानी एकत्र हो गया था। इसे देखते हुए पंडाल के नीचे प्लाई बिछाकर उसके ऊपर रेड कार्पेट डाला गया था। मंगलवार को कार्यक्रम के दौरान बारिश की चिंता से अधिकारी परेशान रहे। बारिश तो नहीं हुई, लेकिन तेज धूप और उमस के कारण लोग बेहाल दिखे। हालांकि राष्ट्रपति की एक झलक देखने की बेताबी के सामने उमस भरी गर्मी फीकी पड़ गई।
...
पीएसी के बैंड ने प्रस्तुत की राष्ट्रगान की धुन
पूर्वाह्न 11:48 बजे राष्ट्रपति मंच पर पहुंचीं। उनके पहुंचने पर राष्ट्रगान के लिए सभी लोग खड़े हो गए। पीएसी बैंड ने राष्ट्रगान की धुन की प्रस्तुति दी। इसके बाद कलाकारों की टीम ने मंगलाचरण प्रस्तुत किया।
...
राष्ट्रपति ने आर्ट गैलरी में देखी प्रदेश की विकास यात्रा
राष्ट्रपति ने परिसर में पौधरोपण के बाद आर्ट गैलरी का अवलोकन किया। यहां तस्वीरों में उन्होंने प्रदेश की विकास यात्रा देखी। अयोध्या, प्रयागराज, मथुरा, कुशीनगर, मां गंगा आदि विरासतों के साथ ही गोरखपुर में हुए ऐतिहासिक बदलावों को भी चित्रों के माध्यम से देखा।
...
तिरंगे में रंगा पंडाल बिखेर रहा था दिव्य छटा
समारोह स्थल पर बने पंडाल और मुख्य मंच को भव्य रूप से सजाया गया था। राष्ट्रपति की मौजूदगी में मुख्य मंच की सजावट समारोह की गरिमा को चार चांद लगा रहा था। तिरंगे में रंगा पंडाल दिव्य छटा बिखेर रहा था।
...
एक घंटे का कार्यक्रम तय था, डेढ़ घंटे रहीं राष्ट्रपति
आयुष विश्वविद्यालय में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का कार्यक्रम पूर्वाह्न 11:30 से दोपहर 12:30 बजे तक था। राष्ट्रपति निर्धारित समय पर कार्यक्रम स्थल पर पहुंच भी गईं। इस दौरान जनसमूह देखकर वह अभिभूत दिखीं। राष्ट्रपति का संबोधन दोपहर 12:37 से शुरू होकर 12:58 बजे तक चला। इसके बाद करीब एक बजकर पांच मिनट पर वहां से गोरखनाथ मंदिर के लिए राष्ट्रपति का काफिला निकला।
...
लोकार्पण का साक्षी बनना गौरवपूर्ण क्षण : आयुष मंत्री
प्रदेश के आयुष मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र ने कहा कि प्रदेश में सात विभागों को जोड़कर आयुष विभाग का गठन किया गया है। आयुष विश्वविद्यालय प्रदेश के 25 करोड़ लोगों की सेवा के लिए लोकार्पित हो गया। सभी के लिए यह गौरव की बात है कि राष्ट्रपति की ओर से लोकार्पण किए जाने के साक्षी बने।
...
स्कूली बच्चे भी पहुंचे राष्ट्रपति के स्वागत में
भटहट। आसपास के कई स्कूलों के बच्चे भी स्कूल की तरफ से समारोह स्थल पर गए थे। एक स्कूल की प्रधानाचार्य पूनम गुप्ता ने बताया कि उनके विद्यालय के 24 से अधिक बच्चे व 12 शिक्षक समारोह में आए थे। बताया कि गर्व की बात है कि राष्ट्रपति को अपने गांव में देखने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।