गिरफ्तार मुख्य आरोपी के पुत्र प्रेम निषाद और संजय निषाद से पूछताछ के बाद पुलिस ने जेल भिजवाया
पूछताछ में हत्याकांड में प्रधान बजरंगी शाही, अजय कन्नौजिया, अनिल निषाद के साथ गोला क्षेत्र के विवेक सिंह के भी शामिल होना बताया
पुलिस ने आरोपियों का पहले से दर्ज केस में नाम जोड़ा, गिरफ्तारी के लिए दे रही दबिश
गोरखपुर। हिस्ट्रीशीटर दिनेश हत्याकांड मामले में पुलिस ने बुधवार को प्रधान बजरंगी समेत अजय कन्नौजिया, अनिल निषाद और गोला के विवेक सिंह पर केस दर्ज किया। पुलिस ने पहले से दर्ज केस में नाम इनके नाम शामिल किए हैं। गिरफ्तार मुख्य आरोपी जुगुल के पुत्र प्रेम और हिस्ट्रीशीटर दिनेश को बाइक से गांव लेकर आने वाले संजय से पूछताछ में पुलिस को कई जानकारियां मिली। पुलिस को प्रेम निषाद ने बताया कि हत्याकांड में कुल 15 लोग शामिल थे। हालांकि वह तीन अज्ञात आरोपियों का नाम नहीं बता सका। पुलिस ने आरोपी प्रेम और संजय को पूछताछ के बाद जेल भिजवा दिया।
गोरखपुर से बाइक से अपने गांव बेलीपार के भरवलिया जा रहे हिस्ट्रीशीटर दिनेश को चार पहिया सवार बदमाशों ने वाराणसी-गोरखपुर हाईवे पर शनिवार को घेर लिया था। इस पर दिनेश हाईवे किनारे स्थित एक तालाब की तरफ भागा। जहां बदमाशों ने उसे घेर कर सिर में गोली मारकर हत्या कर दी थी। मामले में दिनेश के भाई रमेश ने जुगुल सहित आठ लोगों को नामजद करते हुए तीन अज्ञात के विरुद्ध केस दर्ज कराया था। पुलिस टीम ने सोमवार की देर रात मुख्य आरोपी जुगुल निषाद को मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस अभिरक्षा में उसका बीआरडी मेडिकल काॅलेज में इलाज चल रहा है। पुलिस ने पूछताछ की तो उसने कई अहम जानकारियां दीं। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने मंगलवार को उसके पुत्र प्रेम निषाद को गांव से ही गिरफ्तार कर पूछताछ कर रही थी। बुधवार को पुलिस ने प्रेम निषाद से पूछताछ की। पूछताछ में उसने बताया कि हत्याकांड में आठ नहीं बल्कि 12 नामजद शामिल थे। घटना में कुल 15 लोग शामिल थे। बताया कि प्रधान बजरंगी शाही, गांव के अजय कन्नौजिया, अनिल निषाद के साथ गोला क्षेत्र का विवेक सिंह भी शामिल था। इसके बाद पुलिस ने हत्याकांड में चारों का नाम शामिल किया। पुलिस आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है।
बाइक से हिस्ट्रीशीटर को गांव लाने वाले संजय ने की थी मुखबिरी
आरोपी प्रेम निषाद से पूछताछ में पुलिस को पता चला कि बाइक से हिस्ट्रीशीटर को गांव लेकर आ रहे संजय ने मुखबिरी की थी। पुलिस के अनुसार, प्रेम ने बताया कि मुख्य आरोपी जुगुल से संजय से पुरानी जान पहचान है। हिस्ट्रशीटर की हत्या के लिए संजय ने मुखबिरी की थी। घटना वाले दिन गोरखपुर से चलने के दौरान संजय ने जुगुल को फोन कर बता दिया था। इसके बाद रास्ते में भी गांव नजदीक आने की जानकारी दी थी। इसके बाद चार पहिया से भी लोग पहुंचे और हत्याकांड को अंजाम दिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी संजय ने भी मुखबिरी की बात स्वीकार की है।
बढ़ता कद देख जुगुल ने दिनेश के दुश्मनों संग मिलकर रची थी हत्या की साजिश
गोरखपुर। हिस्ट्रीशीटर दिनेश की हत्या की मुख्य वजह दिन प्रतिदिन उसका बढ़ रहा कद रहा। इसके चलते हिस्ट्रीशीटर के दुश्मनों के साथ मिलकर उसकी हत्या की कहानी रची गई। मुख्य आरोपी जुगुल निषाद के पुत्र प्रेम निषाद ने जिन चार लोगों के शामिल होने की बात बताई, उनमें दो तो दिनेश के घोर विरोधी रहे हैं। जबकि अनिल निषाद और विवेक अच्छे दोस्त व सहयोगी रहे हैं। वर्तमान में दोनों सहयोगी उससे अलग थे। जिसे जुगुल ने अपने पाले में रख लिया था।
मुख्य आरोपी जुगुल निषाद के पुत्र प्रेम निषाद ने पुलिसिया पूछताछ में ग्राम प्रधान बजरंगी शाही, अजय कन्नौजिया, अनिल निषाद के साथ गोला क्षेत्र के विवेक सिंह के शामिल होने की बात बताई। प्रेम के घर से दिनेश की पुरानी रंजिश थी। प्रेम के पिता जुगुल गांव के संत निषाद हत्याकांड में गवाह थे। दिनेश निषाद ने कई बार गवाही नहीं देने व नाम वापस लेने की बात कही थी, लेकिन वह मानने को तैयार नहीं था। इसके बाद से जुगुल ने दिनेश की हत्या की साजिश रची। उसने सबसे पहले दिनेश के दुश्मनों की लिस्ट तैयार की। इसके बाद उसके कभी दोस्त रहे, जो वर्तमान में दुश्मन बने थे, उनको अपने पाले में किया। फिर दिनेश की मुखबिरी कराकर उसकी हत्या करा दी।
घटना के दिन प्रधान ही चला रहा था चार पहिया वाहन
- पुलिस से बचने के लिए छिपा था शहर में, जुगुल के मुठभेड़ में गिरफ्तार होने की सूचना मिलते ही भागा
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। हिस्ट्रीशीट दिनेश की हत्या में जिस चार पहिया वाहन का इस्तेमाल किया गया, उसको प्रधान बजरंगी ही चला रहा था। घटना के बाद वह गांव छोड़कर भाग गया था। ये बातें पुलिस को मुख्य आरोपी जुगुल के बेटे प्रेम निषाद बताईं। पुलिस के अनुसार, घटना के बाद पुलिस से बचने के लिए प्रधान रामगढ़ताल इलाके के भगत चौराहे के समीप किराए पर रहने वाले अपने दोस्त के यहां शरण ली थी। मंगलवार को प्रधान के छिपे होने की जानकारी मिली तो पुलिस पहुंच गई। हालांकि वह भाग गया था।
पुलिस के अनुसार, पुलिस ने कुशीनगर के अहिरौली बाजार थाने के सोनबरसा भैंसही बाजार हाटा निवासी किरायेदार अजय प्रताप सिंह के विरुद्ध केस दर्ज कर लिया। इसके बाद पुलिस ने अजय सिंह पर केस दर्ज करते हुए 253बीएनएस में जमानत दे दी। रामगढ़ताल थानाध्यक्ष चितवन कुमार ने बताया कि सोमवार रात में बजरंगी यहां छिपने के लिए आया था। रात में जुगुल के मुठभेड़ में गिरफ्तार होने की सूचना पर वह धीरे से भाग गया था। थानाध्यक्ष ने बताया कि बजरंगी के परिजन भगत चौराहे पर रहते हैं। उनकी भी तलाश की जा रही है।