राजघाट पुल से डोमिनगढ़ पुल तक बन रहे फोरलेन की जद में आ रहे पांच मंदिर व तीन मस्जिद
मंदिर व मस्जिद को तोड़ने व विस्थापित करने के लिए दो रोज पहले अधिकारियों ने की थी बैठक
लोगों की सहमति लेकर मंदिर व मस्जिद को अन्यत्र विस्थापित करने में जुटा पीडब्ल्यूडी विभाग
गोरखपुर। हार्बर्ट बांध से डोमिनगढ़ पुल तक बन रहे फोरलेन सड़क निर्माण में रूकावट बन रहे प्राचीन शिव मंदिर, मामू-भांजा मजार- मस्जिद सहित अन्य छोटे व बड़े मंदिर को तोड़ने व विस्थापित करने का कार्य शनिवार से शुरू हो गया। फोरलेन सड़क के बीच हिस्से में पड़ रहे प्राचीन शिव मंदिर व मामू-भांजा मजार काे तोड़ने का काम भी शुरू हो गया है।
राजघाट पुल के पास से शुरू होकर डोमिनगढ़ पुल तक 4.07 किमी फोरलेन का निर्माण कार्य चल रहा है। पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड-2 को इस फोरलेन का निर्माण करा रही है। चौड़ीकरण के साथ पीडब्ल्यूडी विभाग सड़क की दोनों तरफ डेढ़-डेढ़ मीटर का नाला व एक मीटर का डक्ट बनवा रहा है। यह कार्य काफी तेज गति से चल रहा है। इधर फोरलेन के निर्माण की जद में मंदिर व मस्जिद रूकावट बन रहे थे। यह देख पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन अरविंद सिंह ने शासकीय अभियंता, तहसीलदार सदर व कानूनगो के साथ मौके पर पहुंच निरीक्षण कर लोगों से वार्ता की। वार्ता में सहमति मिलने के बाद शुक्रवार से पहले छोटे व बड़े मंदिरों को तोड़ने व विस्थापित करने का कार्य शुरू करा दिया गया। शनिवार को भी फोरलोन निर्माण की जद में आ रहे मंदिर व मस्जिद को तोड़ा जा रहा था।
करीब 40 वर्ष पुराना है प्राचीन शिव मंदिर व मामू-भांजा मजार का इतिहास
राजघाट पुल के पास से शुरू होकर डोमिनगढ़ पुल तक फोरलेन के निर्माण की जद में हार्बर्ट बांध के किनारे मौजूद वर्षों पुराने शिव मंदिर, मामा-भांजे मजार व मस्जिद के अलावा करीब पांच मंदिर व तीन मस्जिद आ रहे थे। पीडब्ल्यूडी ने मिट्टीकरण व नाला निर्माण कार्य कराने के बाद लोगों से मंदिरों को हटाने के लिए लोगों से वार्ता की। इसके बाद इसे हटाने का कार्य शुरु हो गया। वर्षों पुराने मंदिर को हटता देख लोगों मायूसी देखने को मिल रही है। पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन अरविंद सिंह ने स्थानीय लोगों से वार्ता कर मंदिर व मस्जिद को हटवाया जा रहा हैं।
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क्या कहते हैं लोग
मंदिर काफी पुराना है। बांध होने के चलते मंदिर के अस्तित्व पर कोई खतरा नहीं था। परंतु बांध पर फोरलेन सड़क बनने से मंदिर के अस्तित्व पर संकट आ गया है। सड़क निर्माण को देखते हुए इसे तोड़ने का कार्य शुरू है।
रामचरण, नरकटिया खास
हार्बर्ट बंधे के किनारे मामा-भांजे की मजार थी। जहां मस्जिद भी बदी है। फोरलेन निर्माण की जद में आने की वजह से इस मजार को तोड़ा जा रहा है।
फहिम खान, बसंतपुर नरकटिया