गोरखपुर। माफिया सुधीर सिंह ने लखनऊ न्यायालय में 2012-2013 में लखनऊ के गाजीपुर थाने में दर्ज आर्म्स एक्ट के केस में सरेंडर किया था। इस मामले में बृहस्पतिवार को लखनऊ कोर्ट में उसकी जमानत अर्जी पर सुनवाई होनी है। अगर जमानत मिल गई तो गोरखपुर आकर सुधीर को बयान देना होगा, जमानत नहीं मिली तो विवेचना अधिकारी जेल में जाकर बयान दर्ज करवाएंगे।
सुधीर सिंह ने हाईकोर्ट में एक अर्जी दाखिल की थी। सुनवाई के बाद चार जुलाई को कोर्ट ने आदेश जारी किया कि विवेचक 60 दिन के भीतर जांच पूरी कर कोर्ट में रिपोर्ट दाखिल करें। इसके बाद कोर्ट के फैसले पर ही पुलिस सुधीर पर गिरफ्तारी या अन्य कार्रवाई कर सकेगी। इससे पहले गिरफ्तारी नहीं हो सकेगी। दरअसल, मामले के एक आरोपी हिमाचल सिंह ने हाईकोर्ट से अरेस्ट स्टे ले लिया है। इसी अरेस्ट स्टे के आधार पर सुधीर को भी स्टे मिला है। अब बृहस्पतिवार को आर्म्स एक्ट के मामले में जमानत पर सुनवाई होगी।
खजनी क्षेत्र में 27 मई की रात व्यापारी के घर दावत के दौरान जानलेवा हमले के बाद माफिया सुधीर सिंह फरार हो गया था। इस वारदात में बेलीपार के भौवापार निवासी अंकुर शाही गंभीर रूप से घायल हुआ था। अंकुर ने सुधीर के खिलाफ खजनी थाने में केस दर्ज कराया था। पुलिस की बढ़ती दबिश के बीच सुधीर ने लखनऊ कोर्ट में सरेंडर कर दिया था।
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जमानत मिल गई तो गोरखपुर में रहना होगा मौजूद
कोर्ट के आदेश के अनुसार, विवेचना के दौरान सुधीर सिंह को विवेचक का सहयोग करना होगा। ऐसे में अगर जमानत मिल जाती है तो सुधीर सिंह जरूरत पड़ने पर या बुलाए जाने पर खजनी थाने पहुंचेगा। अगर जमानत नहीं मिलती है और विवेचक को जरूरत पड़ी तो फिर लखनऊ जेल जाकर ही सुधीर का बयान लेना होगा।