क्या लगातार एसी-कूलर चलाने से घर में लग सकती है आग?
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घर हो या दफ्तर, बढ़ती गर्मी में एयर कंडीशन (एसी) हर जगह की जरूरत बन गई है। यह विद्युत उपकरण जितना आराम दायक है, वहीं इससे खतरे भी बड़े हैं। अगर इसके इंस्टालेशन या संचालन में लापरवाही बरती गई तो हादसा होना तय है।
इसका ताजा उदाहरण शाहपुर मोहल्ले में सामने आया है, जहां ढीले व कमजोर तारों के सहारे लगी एसी में शार्ट सर्किट से आग लग गई और कमरे में सोए युवक की जान चली गई। घरवाले भी अब उस क्षण को कोस रहे हैं, जब उन्होंने पुराने एसी को बिना ठीक कराए ही इस्तेमाल किया।
शाहपुर इलाके के रेल विहार फेज-दो के एक घर में 27 मई को एसी में शार्ट सर्किट की वजह से आग लग गई। इस हादसे में कमरे में सोए संदीप त्रिपाठी (45) की जलकर मौत हो गई थी। हादसे ने घर की खुशियां ही छीन ली हैं।
दो मंजिला मकान के गेट पर बुधवार को गमगीन खड़े मृतक संदीप के बड़े भाई प्रदीप त्रिपाठी ने बताया कि सोमवार को ही संदीप ने घर में लगे पुराने एसी को निकलवाकर उसे प्रथम तल वाले अपने कमरे में लगवाया था। गर्मी अधिक थी और एसी मैकेनिक मिल नहीं रहे थे तो एक बिजली मिस्त्री को बुलाकर अस्थायी वायरिंग पर ही ऐसी सेट कर दिया।
कई जगह तार खुले रह गए थे। एसी से गैस लीक हो रही थी, इसकी सर्विसिंग भी काफी दिनों से नहीं हुई थी। इन सब छोटी-छोटी बातों को नजर अंदाज कर एसी चला दिया। लोड पड़ने पर शॉर्ट सर्किट हुआ और एसी में लगी आग पूरे कमरे में फैल गई। कुछ देर बाद जब लोग उसे जगाने गए तो हादसे की जानकारी हुई।
थोड़े से रुपये बचाने के लिए खतरा न लें
गोलघर की एक दुकान पर एसी मैकेनिक रामप्रवेश शर्मा का कहना है कि महंगी से महंगी एसी तो लोग खरीदते हैं, लेकिन जब उसकी वायरिंग की बात आती है, तो चार-पांच सौ रुपये बचाने के चक्कर में सस्ता वायर इस्तेमाल कर लेते हैं। यही आगे चलकर खतरा बनता है।
क्या लगातार एसी-कूलर चलाने से घर में लग सकती है आग?
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ये रखें सावधानी
एसी काे हमेशा 22 से 24 डिग्री सेल्सियस तापमान पर ही सेट करें। तापमान 16 या 18 डिग्री सेट करने पर कंप्रेशर लोड लेता है, इससे एक तो बिजली की खपत बढ़ती है, दूसरे शॉर्ट सर्किट की आशंका अधिक रहती है।
पुराना एसी खरीद रहे हैं तो इस्तेमाल से पहले उसकी अच्छी तरह जांच करा लें।
एसी लगा रहे हैं तो घर की वायरिंग और बिजली का बोर्ड भी उसकी क्षमता के अनुसार लगाएं।
मल्टीप्लग लगाकर ज्यादा इलेक्ट्रॉनिक उपकरण न लगाएं, लोड बढ़ने से भी स्पार्किंग हो सकती है।
लोकल वायर की बजाय हमेशा ब्रांडेड वायर और एमसीवी ही लगवाएं।
स्टेबलाइजर जरूर लगवाएं, कभी भी बिजली का लोड कम या ज्यादा हो सकता है।
एसी की गैस आदि भरवाते समय लोकल वेंडर की सेवाएं लेने से बचें। हमेशा ब्रांडेड कंपनी के ही मकैनिक को बुलवाएं।
जहां एसी लगा है वहां वहां कोई पर्दा न लगाएं, क्योंकि स्पार्क होने पर पर्दे में आग पकड़ सकती है।
एसी मैकेनिक सुधीर श्रीवास्तव ने बताया कि एसी के लिए कॉपर वायर बढ़िया ब्रांड का इस्तेमाल करना चाहिए। अगर ब्रांडेड एसी है तो ढाई एमएम कॉपर और नॉन ब्रांड में फोर एमएम का तार इस्तेमाल करना चाहिए।
लोग महंगी वाली एसी खरीदते हैं। बताया जाता है कि इसकी वायरिंग में ब्रांडेड तार का इस्तेमाल करें। इससे एसी सुरक्षित रहेगी और शॉर्ट सर्किट का खतरा कम होगा।