अमर उजाला में प्रकाशित खबर पर मुख्यमंत्री कार्यालय ने दिए समाधान के निर्देश
उच्च शिक्षा निदेशालय ने जल्द समाधान कर कार्यवाही से अवगत कराने के दिए निर्देश
वरिष्ठता प्रभावित होने से संकायाध्यक्ष या विभागाध्यक्ष पद को लेकर कई विभागों में चल रही रार
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के शिक्षकों के वरिष्ठता विवाद पर अमर उजाला में बीते 9 जुलाई को प्रकाशित खबर का मुख्यमंत्री कार्यालय ने संज्ञान लिया है। मुख्यमंत्री कार्यालय की सख्ती के बाद उच्च शिक्षा निदेशालय ने डीडीयू प्रशासन को इसके जल्द समाधान कर कार्यवाही से अवगत कराने का निर्देश दिया है।
अमर उजाला ने बीते आठ जुलाई को ''''डीडीयू में साढ़े तीन साल बाद शिक्षकों की वरिष्ठता सूची जारी'''' शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसमें बताया गया था कि शिक्षकों की बहुप्रतीक्षित वरिष्ठता सूची साढ़े तीन साल बाद जारी की गई है। अनंतिम सूची जारी होने के साथ ही वहां हलचल तेज हो गई थी। नई सूची में कई शिक्षकों की वरिष्ठता प्रभावित हो रही थी। डीडीयू प्रशासन ने एक महीने में आपत्तियां मांगी थी। डीडीयू प्रशासन पर पहले से ही वरिष्ठता सूची जारी करने का दबाव था। तत्कालीन कार्य परिषद सदस्य डॉ. वेद प्रकाश राय ने इसे लेकर मुख्यमंत्री से शिकायत की थी। उसके बाद नौ जुलाई को ''''वरिष्ठता सूची का विरोध शुरू, यूनिवर्सिटी खुलने का इंतजार'''' शीर्षक से खबर प्रकाशित की गई थी। इसमें बताया गया था कि सोशल मीडिया पर पुरानी और वर्तमान सूची को वायरल हो रही है। इन खबरों का शासन ने संज्ञान लिया है।
उच्च शिक्षा निदेशालय, प्रयागराज के संयुक्त निदेशक डॉ. शशि कपूर ने डीडीयू के कुलसचिव को पत्र जारी किया है। इसमें उन्होंने कहा है कि विश्वविद्यालय में कार्यरत शिक्षक, शिक्षणेत्तर एवं सहायता प्राप्त अशासकीय महाविद्यालय के शिक्षकों की वरिष्ठता का निर्धारण एवं अनुमोदन विश्वविद्यालय स्तर से किया जाता है। निर्देश दिए गए हैं कि इस मामले में परीक्षण कर नियमानुसार कार्यवाही करते हुए निदेशालय को भी अवगत कराएं, ताकि मुख्यमंत्री कार्यालय को इससे अवगत कराया जा सके।
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कोट
शिक्षकों के वरिष्ठता समाधान को लेकर शासन से पत्र जारी हुआ है। इस संबंध में डीडीयू प्रशासन से बात कर समाधान कराने की कोशिश की जा रही है। जल्द ही वरिष्ठता निर्धारण कर कार्यवाही से शासन को अवगत कराया जाएगा।
- डॉ. उदयभान, क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी