बुधवार को स्टेशन पर केक काटा गया और यात्रियों को दिए फूल
15 जनवरी 1885 को अस्तित्व में आया था गोरखपुर स्टेशन
गोरखपुर। अंग्रेजों ने 140 साल पहले 15 जनवरी 1885 को गोरखपुर रेलवे स्टेशन का निर्माण कराया था। इस दिन सोनपुर से मनकापुर तक मीटर गेज रेल लाइन का निर्माण हुआ था। तब से लेकर अब तक स्टेशन के स्वरूप में कई बार बदलाव किए गए। वर्तमान में यहां विश्व का दूसरा सबसे लंबा प्लेटफॉर्म है। अब स्टेशन के भवन को भव्य रूप दिया जा रहा है, जिसमें गोरक्षनगरी की सांस्कृतिक विरासत की झलक भी दिखेगी।
बुधवार को रेल प्रशासन ने प्लेटफॉर्म दो स्थित एसी लाउंज पर स्थापना दिवस समारोह मनाकर केक काटा और यात्रियों को गुलाब का फूल देकर उनके यात्रा की शुभकामनाएं दी। अपर मंडल रेल प्रबंधक, इन्फ्रा (लखनऊ) भुवनेश सिंह ने केक काट कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान स्टेशन निदेशक जेपी सिंह भी मौजूद रहे। दोनों अधिकारियों ने यात्रियों को बधाई देते हुए कहा कि गोरखपुर रेलवे स्टेशन, पूर्वी उत्तर प्रदेश का एक महत्वपूर्ण स्टेशन है। 15 जनवरी, 1885 को अपनी स्थापना से आज तक निरंतर उच्च स्तरीय यात्रा सेवाएं दे रहा है।
अपर मंडल रेल प्रबंधक ने रेल कर्मियों को यात्रियों से मित्रवत व्यवहार करने का सुझाव दिया। कहा कि गोरखपुर स्टेशन पुनर्विकास का कार्य शुरू हो चुका है, जिसके पूरा हो जाने के बाद गोरखपुर स्टेशन भव्य रूप में दिखाई देगा। पुनर्विकास कार्य के दौरान अनेक सी चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। हम सभी को बहुत सजगता से कार्य करना है ताकि यात्रियों को असुविधा न हो। इस दौरान रेलकर्मी उपस्थित रहे।