- होम लोन माफ कराने का झांसा देकर पांच बैंकों से कराया लोन
गोरखपुर। लोन माफ कराने का झांसा देकर ठगी की आरोपी गरिमा सिंह और उसके गिरोह पर पुलिस ने छठी एफआईआर दर्ज की है। शाहपुर के शिवपुर सहबाजगंज निवासी रेलवे टीटीई अभिमन्यु कुमार ने आरोप लगाया कि उनसे 52 लाख 29 हजार रुपये की ठगी की गई। गोरखनाथ पुलिस प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच कर रही है।
अभिमन्यु के अनुसार, रेलवे में स्टेशन अधीक्षक ध्रुव नारायण सिंह से एक परिचित के माध्यम से उनकी जान-पहचान हुई थी। टीटीई ने करीब 57 लाख रुपये का होम लोन ले रखा था। आरोप है कि ध्रुव नारायण सिंह ने बताया कि उनकी बेटी गरिमा भारतीय रिजर्व बैंक की एक योजना के तहत उनका होम लोन माफ करा सकती है। इसके लिए गरिमा की ओर से बताई गई प्रक्रिया पूरी करनी होगी। अगस्त 2025 में अभिमन्यु ने गरिमा से संपर्क किया। आरोप है कि गरिमा ने कहा कि प्रक्रिया के दौरान मोबाइल पर ओटीपी आएगा और विशाल यादव फोन कर ओटीपी पूछेगा। गरिमा के कहने पर टीटीई ने ओटीपी साझा किए और कुछ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर भी किए। इसके बाद पांच बैंकों से कुल 52 लाख 29 हजार रुपये का लोन हो गया। आरोप है कि दो बैंकों से बिना बैंक गए ही लोन करा दिया गया। गोरखनाथ सीओ रवि कुमार सिंह ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें दबिश दे रही हैं।
10 महीने तक भरी ईएमआई फिर बंद कर दी
अभिमन्यु का आरोप है कि गरिमा करीब 10 महीने तक लोन की ईएमआई भरती रही। बाद में उसने किस्तें देना बंद कर दिया। अगस्त के पहले सप्ताह में टीटीई गरिमा के घर पहुंचे तो वहां कई अन्य लोग भी अपने रुपये मांगने आए थे। आरोप है कि गरिमा ने विवाद के दौरान पुलिस में शिकायत कराने की धमकी दी। गरिमा पर पहले भी लोन जालसाजी के कई मामले दर्ज हैं। पशु चिकित्सक डॉ. परमात्मा की आत्महत्या के मामले में भी पुलिस ने गरिमा समेत अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किया है। पांच अगस्त को डॉ. परमात्मा ने एम्स थाने में गरिमा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। एम्स और सहजनवां थाने में तीन अन्य लोगों ने भी इसी तरह की शिकायतें दर्ज कराई हैं।