वसूली नोटिस के बाद भी जमा नहीं की गई राशि, डीपीआरओ ने प्राथमिकी दर्ज कराने के दिए निर्देश
जांच में तत्कालीन सचिव और ग्राम प्रधान को वित्तीय अनियमितता का दोषी पाया गया
बांसगांव। विकास खंड बांसगांव की ग्राम पंचायत खम्भुआ भट्ट में मनरेगा कार्यों में 4,34,487 रुपये की वित्तीय अनियमितता सामने आने के बाद प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) के निर्देश पर ग्राम प्रधान कमलावती देवी और तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी (सचिव) दिग्विजय के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
ग्राम पंचायत में मनरेगा कार्यों से जुड़े अभिलेखों की जांच में 4,34,487 रुपये की वित्तीय अनियमितता पाई गई। मामले की जांच उपायुक्त (श्रम रोजगार) के स्तर से कराई गई। इसके बाद खंड विकास अधिकारी, खजनी की ओर से भी जांच की गई। जांच रिपोर्ट में तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी दिग्विजय और ग्राम प्रधान कमलावती देवी को वित्तीय अनियमितता का जिम्मेदार ठहराया गया।
जांच के आधार पर तत्कालीन सचिव दिग्विजय से 2,17,243 रुपये और ग्राम प्रधान कमलावती देवी से 2,17,244 रुपये की वसूली निर्धारित की गई थी। जिला मजिस्ट्रेट की ओर से दोनों को नोटिस जारी कर निर्धारित धनराशि जमा करने के निर्देश दिए गए थे लेकिन तय समय सीमा बीतने के बाद भी जमा किए जाने का कोई प्रमाण प्रशासन को नहीं दिया गया।
राशि जमा न होने के बाद डीपीआरओ ने मामले में कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके क्रम में एडीओ पंचायत अजय कुमार सिंह ने तत्कालीन सचिव दिग्विजय और वर्तमान ग्राम प्रधान कमलावती देवी के खिलाफ संबंधित थाने में तहरीर दी है।
इस संबंध में सीओ बांसगांव अनुज कुमार सिंह ने बताया कि तहरीर मिली है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी।