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आंखों के उपचार में चली गई आंखे: संक्रमण ऐसा... दो मरीजों की निकालनी पड़ी आंख, एक की रोशनी गई

Tue, 10 Feb 2026 02:29 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर

सार

सिकरीगंज के न्यू राजेश हाईटेक हॉस्पिटल में बीते एक फरवरी को मोतियाबिंद के ऑपरेशन के बाद मरीजों में संक्रमण अब गंभीर होता जा रहा है। रविवार को 70 वर्षीय रामदरश की बाईं आंख एम्स दिल्ली निकालनी पड़ी। वहीं रामदरश के भाई भी इलाज करा रहे हैं। उनकी रिपोर्ट आनी बाकी है। अब तक दो मरीजों की आंख निकालनी पड़ी है और एक की रोशनी चली गई है।
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विश्वनाथ और सूरज के साथ रामदरश, जिसकी आंख निकालनी पड़ी - फोटो : स्त्रोत- परिजन
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विस्तार
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सिकरीगंज के न्यू राजेश हाईटेक हॉस्पिटल में बीते एक फरवरी को मोतियाबिंद के ऑपरेशन के बाद मरीजों में संक्रमण अब गंभीर होता जा रहा है। रविवार को 70 वर्षीय रामदरश की बाईं आंख एम्स दिल्ली निकालनी पड़ी। वहीं रामदरश के भाई भी इलाज करा रहे हैं। उनकी रिपोर्ट आनी बाकी है। अब तक दो मरीजों की आंख निकालनी पड़ी है और एक की रोशनी चली गई है।
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सोमवार को बीआरडी मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग की टीम ने अस्पताल जाकर सर्जरी में इस्तेमाल उपकरणों की सैंपलिंग की, जिसे जांच के लिए प्रयोगशाला भी भेज दिया गया। अस्पताल की ओटी को जांच टीम ने पहले ही सील कर दिया है।

अस्पताल में 30 मरीजों का मोतियाबिंद का ऑपरेशन किया गया था। इसके बाद 11 मरीजों की आंख में गंभीर संक्रमण का मामला सामने आया। इसमें पांच का इलाज लखनऊ पीजीआई और तीन का एम्स दिल्ली में चल रहा है। इसमें बारीगांव की देवराजी देवी की आंख एम्स, दिल्ली के डॉक्टरों ने शुक्रवार को निकाल दी थी।

वहीं इन्नाडीह के अर्जुन सिंह की बाईं आंख की रोशनी चली गई है। इस मामले में रिपोर्ट आने के बाद डॉक्टर निर्णय लेंगे। उधर, सिकरीगंज क्षेत्र के तिवारीपुर निवासी रामदरश के पोते सूरज ने बताया कि एक फरवरी को आयुष्मान योजना के तहत न्यू राजेश हाईटेक हॉस्पिटल सिकरीगंज में दादा की बाईं आंख के मोतियाबिंद का ऑपरेशन हुआ था।

दर्द और उल्टी होने पर दूसरे दिन हॉस्पिटल पर संपर्क किया गया, जहां से उन्हें रेफर कर दिया गया। निजी हॉस्पिटल में ले जाने पर स्थिति गंभीर देख वहां से वापस कर दिया गया। तीन फरवरी को एम्स, दिल्ली ले जाया गया। वहां छठवें दिन सुधार नहीं होने पर डॉक्टरों ने रविवार को बाईं आंख निकाल दी।

इन्नाडीह के दो सगे भाई 80 वर्षीय अर्जुन सिंह और 70 वर्षीय राजेंद्र सिंह की बाईं आंख के मोतियाबिंद का ऑपरेशन हुआ था। छोटे भाई विश्वनाथ सिंह ने बताया कि दूसरे दिन दोनों की आंख में दर्द, मवाद और उल्टी होने लगी। राजेंद्र सिंह को पीजीआई लखनऊ और अर्जुन सिंह को एम्स दिल्ली ले जाया गया।

राजेंद्र का उपचार करने के बाद पीजीआई के डॉक्टरों ने 12 फरवरी को दोबारा बुलाया है। इसके बाद आगे का निर्णय लिया जाएगा। वहीं अर्जुन सिंह के बारे में डॉक्टरों ने बताया कि उनकी आंख की रोशनी चली गई है। रिपोर्ट आने के बाद आंख निकालने का निर्णय लिया जाएगा।
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इस संबंध में न्यू राजेश हाईटेक हॉस्पिटल सिकरीगंज के संचालक राजेश राय ने बताया कि संक्रमण से पीड़ित सभी मरीजों के प्रति उनकी सहानुभूति है। वह सभी का अपने खर्चे पर बेहतर इलाज करा रहे हैं।

दवाइयों, ऑपरेशन थिएटर और सर्जरी में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों, टेबल, कपड़े आदि के सैंपल लिए गए हैं। सभी सैंपल प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी: डॉ. एके चौधरी, डिप्टी सीएमओ
 
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