- शासन की ओर से गठित विशेषज्ञ समिति में डीडीयू से प्रो. उमा श्रीवास्तव व प्रो. विनय सिंह शामिल
- विशेषज्ञ समिति में गोरखपुर, लखनऊ और वाराणसी के विभिन्न शिक्षण संस्थानों के छह प्रोफेसर
गोरखपुर। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस व रिसर्च एंड डेवलपमेंट योजनाओं के लिए प्राप्त प्रस्तावों के परीक्षण के लिए शासन की ओर से विशेषज्ञ समिति का गठन किया गया है। इसमें विशेषज्ञ के रूप में गोरखपुर, लखनऊ और वाराणसी के विभिन्न शिक्षण संस्थानों के आठ शिक्षक नामित किए गए हैं। इनमें दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के भी दो शिक्षक शामिल हैं।
उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालयों, राजकीय एवं अनुदानित महाविद्यालयों के शिक्षक विशिष्ट क्षेत्रों में उत्कृष्ट शोध कार्य करने के लिए रिसर्च एंड डेवलपमेंट योजना के तहत प्रस्ताव भेजते हैं। इसके अलावा राज्य विश्वविद्यालयों के विभिन्न विभागों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने के लिए भी प्रस्ताव आते हैं। उन प्रस्तावों के परीक्षण के लिए इस समिति का गठन किया गया है। समिति में गोरखपुर विश्वविद्यालय के गणित एवं सांख्यिकी विभाग की प्रो. उमा सिंह और जन्तु एवं पर्यावरण विज्ञान विभाग के प्रो. विनय सिंह को शामिल किया गया है। ये दोनों बतौर विशेषज्ञ विज्ञान के सभी विषय, गणित, इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी के विशेषज्ञ के रूप में शामिल किए गए हैं।
प्रदेशीय समिति में ये भी शामिल
समिति में अंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय, लखनऊ के शिक्षाशास्त्र के प्रो. राजशरण शाही और बीएसएनवी पीजी कॉलेज, लखनऊ के संस्कृत के प्रो. अशोक कुमार दुबे को मानविकी (इतिहास, भूगोल, समाजशास्त्र, राजनीति शास्त्र मनोविज्ञान आदि विषय) के विशेषज्ञ के रूप में शामिल किया गया है। इनमें प्रो. राजशरण शाही गोरखपुर जनपद के रहने वाले हैं। नवयुग कॉलेज, लखनऊ की अर्थशास्त्र प्रो. मंजुला उपाध्याय और महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के प्रो. राकेश तिवारी को वाणिज्य एवं प्रबंधन विषयों के विशेषज्ञ के रूप में नामित किया गया है।
इसलिए अहम है यह समिति
विशेषज्ञ समिति की स्वीकृति के बाद ही किसी शिक्षक को रिसर्च के लिए प्रोजेक्ट मिलेगा। इसके लिए संबंधित विषयों के लिए पैनल यह समिति ही बनाएगी। समिति की सिफारिश के आधार पर शासन की ओर से फंड मिलेगा। किस प्रोजेक्ट को स्वीकृति दी जाए, कितना फंड दिया जाए आदि का निर्धारण यह समिति ही करेगी। विशेषज्ञ के अलावा उच्च शिक्षा परिषद के अधिकारी भी समिति में शामिल किए गए हैं।