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गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे : बहादुरपुर में यूपीडा विकसित करेगा औद्योगिक क्लस्टर

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153 एकड़ जमीन का किया जाना है अधिग्रहण, 127 एकड़ हो चुका है अधिग्रहण
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खजनी तहसील में बेलघाट के पास है बहादुरपुर खुर्द व बुजुर्ग गांव
प्रस्तावित जमीन संतकबीरनगर, आजमगढ़ और आंबेडकरनगर के करीब
गोरखपुर। गीडा और धुरियापार की तरह ही लिंक एक्सप्रेसवे के किनारे खजनी तहसील के बहादुपुर गांव में भी एक औद्योगिक क्षेत्र विकसित होने जा रहा है। उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) की तरफ से पीपीपी मोड पर इसका विकास किया जाएगा। इसे इंटीग्रेटेड मैनुफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक कलस्टर (आईएमएलसी) नाम दिया गया है। इसके लिए 153 एकड़ जमीन का अधिग्रहण होना है, जिसमें से अब तक 127 एकड़ जमीन यूपीडा को मिल चुकी है। इस औद्योगिक क्षेत्र में करीब 6 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से उद्यमियों को जमीन का आवंटन किया जाएगा। इसके लिए यूपीडा ने डेवलपर्स की तलाश शुरू कर दी है।
गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे एक तरफ पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और दूसरी तरफ मुजफ्फरपुर-लखनऊ नेशनल हाईवे से जुड़ा है। गोरखपुर, संतकबीरनगर, आजमगढ़ और आंबेडकरनगर के अति पिछड़े इलाकों के बीच से गुजरे इस एक्सप्रेसवे के किनारे दो जगह औद्योगिक क्षेत्र प्रस्तावित है। गोरखपुर जिले में यह औद्योगिक क्षेत्र खजनी तहसील के बहादुरपुर बुजुर्ग और बहादुरपुर खुर्द गांव को मिलाकर बनाया जा रहा है। जिस जगह यह क्लस्टर चिन्हित किया गया है, वह गोरखपुर के दक्षिणी इलाके के साथ ही संतकबीरनगर, आजमगढ़ और अंबेडकरनगर के भी अति पिछड़े इलाके में है। एक्सप्रेस-वे बनने के बाद इस इलाके में आवागमन की सुविधाएं बढ़ी हैं। अब रोजगार के लिए कवायद हो रही है। इसके लिए यूपी ने लिंक एक्सप्रेसवे से सटे बहादुरपुर खुर्द व बहादुरपुर बुजुर्ग गांव मिलाकर 153 एकड़ जमीन चिन्हित की है। पूरी जमीन निचली व खेती वाली है। बरसात में पूरा इलाका डूब जाता है। यूपीडा के अफसरों ने बताया कि इस 153 एकड़ में से 127 एकड़ जमीन के अधिग्रहण का काम हो चुका है। इस पर औद्योगिक क्लस्टर विकसित करने के लिए किसी बड़े उद्यमी की तलाश की जा रही है।
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धुरियापार औद्योगिक क्षेत्र से 50 किमी दायरे में होगा यह क्लस्टर
लिंक एक्सप्रेस-वे बनने के साथ ही गीडा ने अपने कई सेक्टरों को इसके किनारे ही विकसित किया है। इसमें सेक्टर 27 व 28 भी शामिल है। इसमें पेप्सिको की कंपनी चालू हो गई है। जबकि कोका-कोला को प्लांट लगाने के लिए जमीन आवंटित की गई है। इसके अलावा भगवानपुर के पास विकसित हो रहा प्लास्टिक पार्क भी लिंक एक्सप्रेस-वे के किनारे है। इसके अलावा गोला तहसील के धुरियापार में चीनी मिल की जमीन समेत आसपास की 5500 एकड़ जमीन पर ग्रेटर गीडा के रूप में धुरियापार औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जा रहा है। इस औद्योगिक क्षेत्र से यूपीडा की ओर से विकसित किया गया क्षेत्र करीब 30 किलोमीटर दूर है। इसके अलावा लिंक एक्सप्रेसवे पर ही यूपीडा ही आंबेडकरनगर जिले में भी एक औद्योगिक क्लस्टर विकसित करेगा, जिससे बहादुरपुर के क्लस्टर की दूरी भी लगभग 40 किमी है।
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कोट
लिंक एक्सप्रेसवे किनारे दो जगह औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जाना है। जमीन अधिग्रहण की जिम्मेदारी राजस्व विभाग के पास है। इन औद्योगिक क्षेत्रों को पीपीपी मोड पर विकसित किया जाएगा। इससे अति पिछड़े इलाके में आवागमन के साथ-साथ रोजगार की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।
- पीपी वर्मा, प्रोजेक्ट मैनेजर यूपीडा
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