परिवार का दर्द-खोदाई से आई दरारों के बाद अब मकान गिरने से मलबे में दबा सारा सामान
कार्यदायी संस्था बोली-मकान गिरे नहीं रेड जाेन में होने की वजह से निगरानी में गिराए गए
एहतियातन करीब 10 दिनों पहले तीनों मकानों को खाली करा लिया गया था
पादरी बाजार (गोरखपुर)। गोड़धोइया नाला किनारे आदित्यपुरी कॉलोनी में शुक्रवार की सुबह तीन मकान भरभराकर गिर गए। नाले की खोदाई के दौरान इन तीनों मकानों में करीब 10 दिन पहले दरारें आई थीं जिसके बाद इन्हें खाली करा लिया गया था। परिवार वालों की तकलीफ है कि मकान गिरने से उनका सारा सामान मलबे में दब गया। हालांकि, कार्यदायी संस्था का कहना है कि मकान अपने आप नहीं गिरे बल्कि रेड जोन में होने की वजह से इन्हें निगरानी में गिराया गया है। किसी तरह की कोई जनहानि नहीं हुई। प्रभावित लोगों को मकान का मुआवजा दे दिया गया है।
जानकारी के अनुसार, शाहपुर इलाके के बशारतपुर पूर्वी स्थित आदित्यपुरी कॉलोनी में लवकुश सिंह, मनोज उपाध्याय और जगदीश उपाध्याय का मकान गोड़धोइया नाले से सटे था। बरसात बाद नाले का निर्माण दोबारा शुरू हुआ तो खोदाई के दौरान 10 दिन पहले मकान में दरारें पड़ गईं। इस वजह से तीनों परिवारों ने मकान खाली कर दिया और मोहल्ले में ही किराये का कमरा लेकर रहने लगे।
इसके बाद कार्यदायी संस्था जल निगम नगरीय ने लोहे का गर्डर लगाकर मकान को गिरने से रोकने का प्रयास किया लेकिन पिछले तीन दिनों से हो रही बारिश से मकान में दरारें बढ़ती गईं। इसके बाद कार्यदायी संस्था ने उसे गिराने का निर्णय लिया।
मकान गिरने की तेज आवाज से मोहल्लेवासियों में हड़कंप मच गया। मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। इसके बाद टीम ने मलबे को हटाया। मकान गिरने की जानकारी होते ही पीड़ित परिवार के लोग पहुंचे। उनका कहना है कि कुछ सामान घर से बाहर निकाले थे। अभी भी बहुत सामान मकान में ही था।
अधिशासी अभियंता पंकज कुमार का कहना है कि मकान का मुआवजा दे दिया गया था। शुक्रवार की सुबह तीनों मकानों को गिरा दिया गया।
दो साल पहले तोड़ा था प्रभावित हिस्सा
मकान मालिक लवकुश सिंह ने बताया कि उनका 2100 वर्गफीट में मकान था। दो साल पहले 1050 वर्ग फीट जमीन तहसील प्रशासन ने गोड़धोइया नाला निर्माण के लिए रजिस्ट्री कराकर मुआवजा दिया था। उसके बाद वह प्रभावित हिस्सा तोड़कर मकान को नए तरीके से दो मंजिला बनाए थे। अब पूरा मकान गिर गया। शुक्रवार की दोपहर में मकान का मुआवजा दिया गया है। जगदीश उपाध्याय की पत्नी उषा देवी मकान गिरने पर रो पड़ीं। अपने आशियाने को जमींदोज देख उनकी आंख से आंसू छलक आए। उनका कहना है कि सारा सामान मकान के मलबे में दब गया।
नाले का 75 प्रतिशत निर्माण पूरा
गोड़धोइया नाला परियोजना में 75 फीसदी निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। अब तक 09.25 किमी की कुल लंबाई में से 7.3 किमी नाला निर्माण किया जा चुका है। इसके अलावा 17.95 किमी इंटरसेप्टिंग सीवरलाइन के सापेक्ष 5.8 किमी सीवरलाइन डाली जा चुकी है। 38 एमएलडी एसटीपी का 80 फीसदी, 61 एमएलडी एमपीएस का 70 फीसदी निर्माण किया जा चुका है।
प्रभावित लोगों को दिया गया मुआवजा
जल निगम नगरीय के अधीक्षण अभियंता रतनसेन सिंह ने बताया कि प्रभावित लोगों को राजस्व विभाग के मूल्यांकन के बाद 35 लाख रुपये, 10 लाख रुपये, 5.24 लाख रुपये (कुल 50.24 लाख) का मुआवजा दे दिया गया है। पुलिस और राजस्व विभाग की निगरानी में भवन सुरक्षा की दृष्टि से गिराया गया है।
दूसरे इलाकों में सर्वे कर चिह्नित होंगे मकान
इस घटना के बाद डीएम दीपक मीणा ने एसडीएम सदर को नाले किनारे रेड जोन में आने वाले मकानों को चिह्नित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि जिस भी मकान में दरार पड़ रही है, उसे खाली कराकर लोगों को मुआवजा दिया जाए। उसके बाद गिराकर नाले का निर्माण किया जाए।
वर्जन
तीनों मकान रेड जोन में थे। इसलिए उन्हें मुआवजा देकर ध्वस्त करा दिया गया है। यदि किसी और भी मकान में दरार पड़ रही है तो उसे चिह्नित कर भवन स्वामी को उचित मुआवजा देकर ध्वस्त करा दिया जाएगा।
- दीपक मीणा, डीएम