गोरखपुर। गोड़धोइया नाला के निर्माण के दौरान नाला में मलबा गिरने के बाद अधिकारियों ने सफाई के प्रति गंभीरता नहीं दिखाई। यदि बरसात के पहले नाले की सफाई नहीं कराई गई तो बाद में मोहल्लों में पानी भरेगा और लोगों की परेशानी बढ़ जाएगी, जबकि गर्मी में ही मलबा गिराए जाने के कारण नाला उफना रहा है।
जल निगम की ओर से गोड़धोइया नाला का निर्माण किया जा रहा है, जिसमें जंगल छत्रधारी की ओर से 31 मई तक तीन किमी नाला ही बनने की संभावना है। नाला निर्माण के दौरान जिन लोगों के मकानों पर तोड़ने के निशान लगाए गए थे, उन्होंने दीवार तोड़ दी, लेकिन मलबा वहीं नाले में गिरा दिया। इस कारण अनेक स्थानों पर नाला पट गया है और उसका आकार कम हो गया है। ऐसी स्थिति में बरसात में जल निकासी मुश्किल होगी। नाले में जहां मलबा गिरा है, वहां कई ऐसे स्थान हैं, जहां सफाई की मशीनों को पहुंचने का रास्ता भी नहीं है। ऐसी स्थिति में सर्वे कराकर योजनाबद्ध सफाई कराने पर ही बरसात में राहत मिलेगी। यदि नाले की सफाई नहीं हुई तो बरसात में दस मोहल्लों में पानी भरने की बड़ी समस्या सामने आ सकती है। इस मामले में जल निगम के अधीक्षण अभियंता अनिल सिंह से बात की गई तो उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।