सर्वे के बाद बढ़े संपत्ति कर से व्यापारी परेशान, जीआईएस सर्वे को निरस्त करने की मांग कर रहे व्यापारी
गोरखपुर। जीआईएस सर्वे के बाद बढ़े संपत्ति कर से शहर के व्यापारी परेशान हैं। उनका आरोप है कि मनमाने ढंग से टैक्स बढ़ा दिया गया है। व्यापारियों ने मांग की कि नगर निगम भौतिक सत्यापन के बाद ही नोटिस जारी करे।
समस्त व्यापार मंडल के अध्यक्ष नितिन जायसवाल ने कहा कि नगर निगम जीआईएस सर्वे के आधार पर सभी भवनों को बढ़े हुए कर का नोटिस भेज रहा है। इसके बाद नगर निगम में आपत्ति दर्ज करवाने के लिए भागदौड़ करनी पड़ रही है। आरोप लगाया कि सर्वे में प्राइवेट एजेंसी ने सेटेलाइट इमेज के आधार पर सभी का नया टैक्स बना दिया। नगर निगम को जीआईएस सर्वे को एक सहयोगी टूल की तरह इस्तेमाल करना चाहिए और सभी जगहों का भौतिक सत्यापन करवाकर भवन के मालिक से ब्योरा लेना चाहिए।
गोरखपुर डिस्पोजल एसोसिएशन के अध्यक्ष पवन जालान ने कहा कि पुराने से नए डेटा के एरिया का मिलान करना चाहिए। उसके बाद जनता को मौका देना चाहिए कि यदि उन्होंने पुराने टैक्स के समय से कोई अतिरिक्त निर्माण करवाया है तो उसको नगर निगम में आकर अपडेट करा लें। मांग की कि जीएसटी रजिस्टर्ड व्यापारियों को इस तरह के टैक्स से पूर्णतः छूट मिलनी चाहिए। नगर निगम के मुख्य कर निर्धारण अधिकारी विनय राय ने कहा कि नोटिस पर नागरिक आपत्ति कर सकते हैं। इसके बाद उसकी जांच कर निस्तारण कराया जाएगा।