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गीडा: लंबित फाइलों के लिए दो लिपिक का वेतन कटा, जेई का वेतन रोका

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गीडा सीईओ ने समीक्षा के बाद की कार्रवाई, एसीईओ और विशेष कार्याधिकारी को आवंटित किए कार्य
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पिछले दिनों उद्यमियों ने सीएम से की थी शिकायत

गोरखपुर। उद्यमियों की फाइलों को गीडा कार्यालय में पेंडिंग रखने की शिकायत पर सख्त कार्रवाई हुई है। गीडा सीईओ ने इसकी समीक्षा के बाद दो लिपिकों का 15-15 दिन का वेतन काटने का एक जेई का एक माह का वेतन रोकने का आदेश दिया है। इसके अलावा मानचित्र स्वीकृति, उत्पादनरत सर्टिफिकेट समेत 14 कार्यों के लिए एसीईओ और विशेष कार्याधिकारी को अधिकार दिए गए हैं।
चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के पूर्व अध्यक्ष एसके अग्रवाल और विष्णु अजीत सरिया की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल ने 02 जनवरी को मुख्यमंत्री से मुलाकात कर बताया था कि उद्यमियों के छोटे-छोटे मामलों का निस्तारण भी समय से नहीं हो पा रहा है। इसके बाद गीडा सीईओ अनुज मलिक ने उद्यमियों से लंबित मामलों की सूची मांगी थी। कुल 10 मामलों की सूची चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज की तरफ से सौंपी गई थी। सीईओ ने बताया कि इस सूची के अनुसार संबंधित अफसरों और कर्मचारियों की बैठक बुलाकर समीक्षा की गई। इस दौरान यह बात सामने आई कि चार फाइलों का निस्तारण हो चुका है, लेकिन उसे अपडेट नहीं किया गया है। इसके अलावा छह फाइलें रिपोर्ट के अभाव में पेंडिंग थीं। एक मामले में जेई की लापरवाही पाई गई। इसके बाद संबंधित लिपिकों का 15-15 दिन का वेतन काटने और जेई का एक माह का वेतन रोकने का आदेश दिया गया।
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कार्यों का भी किया गया बंटवारा
सीईओ ने पहली बार उद्यमियों के कार्य आसान हो सकें, इसके लिए गीडा कार्यालय में अधिकारों का भी बंटवारा कर दिया है। नई व्यवस्था के तहत अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी (एसीईओ) के स्तर से सभी आवंटित भूखंडों में इकाइयों को उत्पादनरत घोषित करना, भवन मानचित्र स्वीकृत का अनुमोदन करना, संविधान परिवर्तन, हस्तानांतरण, आवंटी का नाम परिवर्तन, विधिक वारिसानों के पक्ष में नियमितीकरण करना, वित्तीय संस्थाओं द्वारा नीलामी के प्रकरण, अनुपयोगी एवं देय का भुगतान न करने की दशा में निरस्तीकरण, पट्टा संबंधित समस्त कार्य, छूट एवं बिना छूट के उप विभाजन संबंधित समस्त कार्य किया जाएगा। वहीं, विशेष कार्य अधिकारी व एसडीएम अनुपम मिश्रा की ओर से सभी प्रकार के आवंटित भूखंडों में समय वृद्धि स्वीकृति, बैंक बंधक अनुमति, अनापत्ति प्रमाणपत्र से संबंधित मामलों का निस्तारण किया जाएगा। पहली बार हो रहा है कि गीडा इस तरह से पावर का विकेंद्रीकरण किया है।
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चेंबर ऑफ इंडस्ट्रीज ने जताया आभार
चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष आरएन सिंह ने गीडा कार्यालय में लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण और अधिकारों के बंटवारा के लिए सीईओ अनुज मलिक के प्रति आभार जताया है। अध्यक्ष ने बताया कि एक सप्ताह के अंदर ही उद्यमियों के हित में आठ बड़े निर्णय लिए गए, जिसमें सभी आठ महत्वपूर्ण कार्यों को ऑनलाइन कर निवेश मित्र पोर्टल से जोड़ दिया गया है, जिससे लंबित मामलों पर सीधे निगरानी रखी जा सकेगी। जून 2015 के पूर्व के सभी आवंटियों को उद्योग से संबंधित कोई भी कागज दिखाने पर उत्पादनरत सर्टिफिकेट मिल जाएगा।
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