गोरखपुर। जेमिनी गार्डेनिया अपार्टमेंट के सामने कूड़े के ढेर में मंगलवार शाम किसी ने आग लगा दी। इससे चिड़ियाघर के अस्पताल परिसर में धुआं घुस गया। यह धुआं वन्यजीवों के नाइट सेल में पहुंचा तो उनको सांस लेने में परेशानी हुई। सबसे ज्यादा परेशानी बाघ और तेंदुओं को हुई। वहीं, पक्षियों की आंख से भी पानी आना शुरू हो गया है। चिड़ियाघर प्रबंधन ने पहले जीडीए से वार्ता की तो उन्होंने कूड़ा गिराने से इन्कार कर दिया। वहीं नगर निगम से भी यही जवाब मिला।
नाइट सेल में 35 से अधिक जानवर : चिड़ियाघर के अस्पताल में 35 से अधिक जानवर रखे गए हैं। पीलीभीत से आए बाघ, करीब छह तेंदुए, बाघिन शक्ति के अलावा कई अन्य पक्षी शामिल हैं। धुएं से सबसे ज्यादा परेशानी बाघ और तेंदुओं को हुई है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि चिड़ियाघर में वन्यजीवों के लिए जंगल जैसा स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराया जाता है। धुएं से उनकी बेचैनी बढ़ गई। कई जानवरों को सांस लेने में तकलीफ हो रही है। यह धुआं उनके लिए बेहद हानिकारक है।