रुपये न देने पर शहर के एक व्यापारी को दो बार भिजवा चुका था जेल
जेल में रहते हुए विकास ने जब्तीकरण से बचने के लिए बेच दी थी लक्जरी गाड़ी
गोरखपुर। रेलकर्मी अफरोज की हत्या में जेल में बंद सादिया अंसारी से 40 लाख की ठगी का आरोपी गैंगस्टर विकास अपनी पत्नी रेखा व सहयोगियों की मदद से लोगों को दुष्कर्म के फर्जी केस में फंसाकर वसूली करता था। यहीं नहीं जेल में बंद रहते हुए अपनी दो लक्जरी गाड़ियां बेच दी थी। ताकि गैंगस्टर एक्ट के तहत उसे जब्त न किया जा सके।
बिहार के मोतिहारी जिले के बलुआ ताल वार्ड नंबर 28 निवासी विकास कुमार सिन्हा पादरी बाजार में रहता था। वह पादरी बाजार स्थित एक नर्सिंग होम में प्रबंधक था। इसके माध्यम से उसकी जान-पहचान कई व्यापारियों से हो गई। उसने व्यापारी संजय अग्रवाल, प्रवीन प्रकाश, अमित सिंह समेत अन्य से ठगी की। विकास, प्रबंधक से होटल मालिक बनना चाहता था। इसके लिए विकास ने ठगी का जाल बिछाया और ठगी कर ली।
विकास पहले महिला की मदद से लोगों पर दुष्कर्म का केस दर्ज कराता था और बाद में उसे खत्म कराने के नाम पर वसूली करता था। वसूली की रकम न मिलने पर झूठे मुकदमे में फंसाकर वह शहर के एक व्यापारी को दो बार जेल भी भिजवा चुका था। विकास ने एक अस्पताल भी खोला, लेकिन वह संचालित नहीं हो सका। गिरोह में उसका भाई राकेश कुमार सिन्हा, देवरिया के रामपुर कारखाना निवासी गीता सिंह, उसकी पत्नी रेखा सिंह व देवरिया के भलुवनी की हेमवंती पटेल शामिल थी। विकास पर कैंट, शाहपुर, चिलुआताल समेत शहर के अन्य थानों में धोखाधड़ी व जालसाजी समेत अन्य धाराओं में नौ केस दर्ज हैं। वहीं, रेखा सिंह पर तीन केस है।
जेल से ही 40 लाख कीमत की बेची थी गाड़ी
गैंगस्टर विकास कुमार सिन्हा ने गैंगस्टर एक्ट में जब्तीकरण की कार्रवाई से बचने के लिए जेल से ही अपनी 40 लाख रुपये कीमत की लक्जरी गाड़ी बेच दी थी। जानकारी के बाद पुलिस ने आरटीओ प्रवर्तन संजय कुमार झा से पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि गाड़ी ट्रांसफर की एक प्रक्रिया है। इसमें जो मालिक है उसे फॉर्म 29-30 पर अपना कंसेंट देना होता है। उसका उपस्थित होना जरूरी नहीं है। अगर कोई पुलिस कस्टडी में है तो वह जेलर से संपर्क कर प्रक्रिया के अनुसार डिमांड करेगा। जेल प्रशासन आरटीओ को इसकी सूचना देंगे, जिसके बाद वहां फॉर्म भेजा जाएगा और उसके अनुसार आगे की कार्यवाही होगी। जेल से गाड़ी ट्रांसफर के लिए फिलहाल कोई डिमांड नहीं आई है। इसके बाद मामला ठंडा पड़ गया था।
पिछले साल सात मई को भेजा गया था जेल
चिलुआताल पुलिस ने डीएम के अनुमोदन पर गैंगस्टर एक्ट का केस दर्ज किया था। मामले में पुलिस ने पिछले साल सात मई को गैंग के सरगना विकास कुमार सिन्हा और रेखा सिंह को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उनको कोर्ट में पेश किया, जहां से जेल भेज दिया गया था।
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रेलवे कर्मी अफरोज की हत्या में आरोपी है पत्नी सादिया
गोरखनाथ क्षेत्र के जटेपुर उत्तरी निवासी 50 वर्षीय अफरोज आलम अंसारी रेलवे में सीनियर टेक्नीशियन थे। वर्ष 2012 में वजीराबाद काॅलोनी में जमीन खरीदकर पांच मंजिला मकान बनवाकर पत्नी सादिया अंसारी के साथ रहते थे। 24 मई 2023 की देर रात करीब दो बजे सादिया ने अफरोज के सबसे छोटे भाई जावेद अंसारी के मोबाइल फोन पर हत्या की जानकारी दी। जावेद अन्य भाइयों के साथ मौके पर पहुंचे तो कमरे की लाइट बंद थी। लाइट जलाने पर अफरोज का शव बेड से नीचे खून से लथपथ पड़ा था। उनकी गला रेत कर हत्या की गई थी। रेलवे कर्मी के भाई जावेद अंसारी ने सादिया व किराएदार अभिषेक चौधरी, अरशद पर हत्या का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया था। पुलिस ने मामले में सादिया और उसके प्रेमी को जेल भेज दिया था। तब से वह जेल में ही है।