गोरखपुर। विसरा की जांच से ये तो पता चल गया कि गंगेश पांडेय की मौत जहर से हुई थी। लेकिन खुद खाया या दिया गया इसका पता अभी तक नहीं लग सका। केस का पर्दाफाश करने के लिए एसआईटी का भी गठन हुआ। लेकिन अब तक एसआईटी एक कदम भी आगे नहीं बढ़ सकी है।
गंगेश की मौत को लेकर विसरा रिपोर्ट आने पर चार सितंबर को एसआईटी गठित की गई। उम्मीद थी कि एसआईटी जल्द ही मामले में कोई निर्णय ले लेगी लेकिन अब काफी समय बीत गया है। एसआईटी ने मौत से पहले गंगेश जहां-जहां गया था, उन जगहों पर जाकर पूछताछ की और साक्ष्य एकत्रित किए। आरोपियों के साथ ही गंगेश की पत्नी व भाभी से भी पूछताछ की।
सीसीटीवी कैमरे भी खंगाले गए, उनकी क्लिप भी सुरक्षित की गई। एक दुकान से गंगेश ने कोल्ड ड्रिंक ली थी, उस दुकानदार से भी पूछताछ की गई। गंगेश के मोबाइल की जांच करने के बाद भी परिवार जो दावा कर रहा है एसआईटी उससे सहमत नहीं हो पा रही है।