- उरुवा थाना क्षेत्र के एक गांव की शिक्षिका से जालसाजों ने मांगे रुपये
- कुछ देर परेशान होने के बाद शिक्षिका ने थाने जाकर पुलिस से की शिकायत
धुरियापार (गोरखपुर)। उरुवा में एक निजी स्कूल में पढ़ाने वाली शिक्षिका को जालसाजों ने शुक्रवार को डिजिटल अरेस्ट कर लिया और जाल में फंसाकर रुपये मांगे। शिक्षिका ने समझदारी दिखाते हुए जालसाजों की बातें रिकॉर्ड कर लिया और करीब 20 मिनट तक जालसाजों की बातें सुनने के बाद उरुवा थाने पहुंचकर सारी बात बताई। समझदारी दिखाने से शिक्षिका जालसाजी से बच गईं। पुलिस ने भी शाबासी देकर हौसला बढ़ाया।
जानकारी के मुताबिक, बढ़या बुजुर्ग की रहने वाली एक युवती प्राइवेट स्कूल की शिक्षिका हैं। शिक्षिका के पास शुक्रवार दोपहर में एक कॉल आई और बताया गया कि उसे डिजिटल अरेस्ट कर लिया गया है। शिक्षिका ने वजह पूछी तो कॉल करने वाले ने कहा कि आपके मोबाइल पर अश्लील वीडियो देखा जा रहा है। यह बड़ा अपराध है। इसको पुलिस और मीडिया के बीच भी ले जाया जाएगा, यह कहकर डराने लगे। इसके बाद समझौते के नाम पर 12500 रुपये की मांग की गई। शिक्षिका ने समझदारी दिखाई और जालसाजों की बातचीत रिकॉर्ड कर लिया।
साइबर विशेषज्ञ की राय
साइबर विशेषज्ञ विनायक सिंह ने बताया है कि पुलिस की बोलचाल में कहीं भी डिजिटल अरेस्ट शब्द का इस्तेमाल नहीं किया जाता है। पुलिस कभी डिजिटल अरेस्ट नहीं करती है। ऐसी अफवाहों से लोगों को बचना चाहिए। अंजान नंबरों से आई कॉल पर कभी विश्वास नहीं करना चाहिए। उनकी बातों को जरूर सुने लेकिन इसके बाद अच्छे से जांच पड़ताल करें।
पहले भी आ चुके हैं मामले
10 अक्तूबर 2024 : इंजीनियरिंग कॉलेज की छात्रा को डिजिटल अरेस्ट कर 34 हजार रुपये वसूल गए।
13 मई 2024 : सिविल लाइंस इलाके के एक स्कूल की प्रिंसिपल को डिजिटल अरेस्ट कर 12.56 लाख रुपये वसूले गए।
31 जुलाई 2024 : शाहपुर के एक सेवानिवृत व्यक्ति को 33 घंटे तक डिजिटल अरेस्ट रखा।
15 जनवरी 2024 : सिविल लाइंस में रहने वाले एक कंपनी के मैनेजर को 48 घंटे डिजिटल अरेस्ट कर 14.96 लाख रुपये वसूले गए।