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Gorakhpur News: डीडीयू में अगले सत्र से शुरू होगा चार वर्षीय स्नातक-बीएड पाठ्यक्रम

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बीएससी बीएड और बीए बीएड की 50-50 सीटों पर 12वीं के बाद मिलेगा प्रवेश
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बोर्ड ऑफ स्टडीज से पास, अब विद्या परिषद में ले जाने की तैयारी
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में सत्र 2026-27 से चार वर्षीय एकीकृत शिक्षक शिक्षा पाठ्यक्रम (आईटीईपी) के संचालन का रास्ता साफ हो गया है। इस पाठ्यक्रम में छात्रों को स्नातक-बीएड की डिग्री एक साथ मिलेगी। बोर्ड ऑफ स्टडीज से यह पास हो गया है। अब नवंबर में प्रस्तावित विद्या परिषद की बैठक में ले जाने की तैयारी है।

राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) से आईटीईपी के संचालन लिए विश्वविद्यालय को पहले ही मान्यता मिल चुकी है। सत्र 2025-26 से ही इस कोर्स के संचालन की योजना थी लेकिन तकनीकी वजहों से इसमें देरी हो गई। अब सत्र 2026-27 से सभी प्रक्रिया पूरी करने को लेकर डीडीयू प्रशासन ने अभी से तैयारियां शुरू कर दी है। बीएड करने के लिए अब तक स्नातक होना जरूरी है। चार वर्षीय आईटीईपी कोर्स 12वीं उत्तीर्ण अभ्यर्थी कर सकेंगे। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत यह कोर्स डिजाइन किया गया है। डीडीयू में पहले वर्ष बीए-बीएड और बीएससी-बीएड की 50-50 सीटों पर प्रवेश लिया जाएगा। भविष्य में बीकॉम-बीएड के संचालन की भी योजना है।
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पाठ्यक्रम के लिए तय हुआ शुल्क
पाठ्यक्रम की समन्वयक प्रो. सुषमा पांडेय ने बताया कि बीए-बीएड और बीएससी-बीएड के शुल्क भी तय कर लिया गया है। इस कोर्स के लिए 25-25 हजार रुपये सेमेस्टर शुल्क तय किया गया है। बीएससी-बीएड के प्रायोगिक विषयों के लिए सालाना पांच हजार रुपये अतिरिक्त लगेंगे। इसके अलावा नियमानुसार पंजीकरण और परीक्षा शुल्क लगेगा।

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आईटीईपी के छात्रों के बचेंगे दो वर्ष

एनईपी के तहत अब स्नातक ऑनर्स कोर्स चार वर्ष के हो गए हैं। इसके बाद बीएड की डिग्री दो वर्ष की है। ऐसे में स्नातक करने के बाद कोई छात्र बीएड करेगा तो उसके छह वर्ष लग जाएंगे। आईटीईपी के तहत स्नातक-बीएड कोर्स महज चार वर्ष में ही पूरा हो जाएगा।
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कोट
एनसीटीई से इसके संचालन की अनुमति पहले ही मिल गई है। बोर्ड ऑफ स्टडीज से इसे पास करा लिया गया है। नवंबर में प्रस्तावित विद्या परिषद की बैठक में इसे रखा जाएगा। अगले सत्र से समयबद्ध तरीके से इसमें प्रवेश हो, इसे लेकर अभी से तैयारियां की जा रही हैं।
- प्रो. पूनम टंडन, कुलपति, डीडीयू
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