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Gorakhpur News: एमएमएमयूटी में चार वर्षीय बीएससी-बीएड को एनसीटीई से मिली मान्यता

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राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद, नई दिल्ली से पाठ्यक्रम के संचालन को मिली स्वीकृति
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विश्वविद्यालय में इसी सत्र से शुरू होगा चार वर्षीय बीएससी-बीएड पाठ्यक्रम
गोरखपुर। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय को चार वर्षीय इंटीग्रेटेड टीचर्स एजुकेशन प्रोग्राम (आईटीईपी) के संचालन के लिए राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई), नई दिल्ली से मान्यता मिल गई है। एनसीटीई की नॉर्थ रीजनल कमेटी के क्षेत्रीय निदेशक ने कुलसचिव को ई-मेल के माध्यम से इसकी जानकारी दी। विश्वविद्यालय में सत्र 2025-26 से ही यह पाठ्यक्रम शुरू होगा।
विश्वविद्यालय को आईटीईपी पाठ्यक्रम में अध्यापन के लिए एनसीटीई के मानकों के अनुरूप योग्यताधारक शिक्षकों की नियुक्ति करनी होगी और उनकी सूची भी उपलब्ध करानी होगी। मान्यता के बाद अब विश्वविद्यालय शैक्षणिक सत्र 2025-26 से ही आईटीईपी का संचालन करेगा और 100 सीटों पर प्रवेश लेगा।
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यह चार वर्षीय पाठ्यक्रम पूरा करने पर विद्यार्थियों को बीएससी-बीएड की डिग्री दी जाएगी। पाठ्यक्रम में 12वीं पास करने वाले अभ्यर्थी प्रवेश ले सकेंगे। प्रवेश के लिए प्रतिवर्ष नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की ओर से नेशनल कॉमन एंट्रेंस टेस्ट फॉर एडमिशन टू आईटीईपी आयोजित किया जाता है और इसी की मेरिट के आधार पर प्रवेश दिया जाएगा।
विश्वविद्यालय ने 20 मई 2024 को आईटीईपी की मान्यता के लिए एनसीटीई को ऑनलाइन आवेदन प्रस्तुत किया था। राज्य सरकार से भी जनवरी 2025 में स्वीकृति प्राप्त हो गई थी। विश्वविद्यालय में उपलब्ध भौतिक संसाधन एवं सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए एनसीटीई की ओर से गठित विशेषज्ञ समिति ने मार्च में वर्चुअल विजिट भी की थी।
विश्वविद्यालय ने पाठ्यक्रम संचालन के लिए आवश्यक शिक्षकों एवं लिपिकीय पदों को स्ववित्तपोषित योजना के अंतर्गत सृजित किए जाने के लिए प्रबंध बोर्ड की स्वीकृति भी प्राप्त कर ली है। अन्य औपचारिकताएं पूरी करने के बाद इन पदों को विज्ञापित कर जल्द ही शिक्षकों की नियुक्ति भी की जाएगी।
आईआईटी और एनआईटी में संचालन
वर्तमान में आईटीईपी का संचालन आईआईटी खडगपुर, आईआईटी भुवनेश्वर, आईआईटी जोधपुर, एनआईटी कालीकट, एनआईटी वारंगल, एनआईटी पुडुचेरी, एनआईटी सूरथकल, एनआईटी अगरतला और एनआईटी जालंधर में हो रहा है। इससे आने वाले समय में स्कूलों को जो शिक्षक मिलेंगे, वे अपेक्षाकृत युवा होंगे और आधुनिक तकनीक जैसे आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, एजुकेशनल टेक्नोलॉजी एवं टेक्नोलॉजी आधारित शिक्षण प्रणालियों से लैस होंगे।
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वर्जन..
विश्वविद्यालय में आईटीईपी के संचालन के लिए राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद से मान्यता मिल गई है। इसी सत्र से यह पाठ्यक्रम शुरू होगा। इससे स्कूली शिक्षा में नवाचार, डिजिटलीकरण, आधुनिक तकनीक का समावेश हो सकेगा, जिसका लाभ आने वाले समय में स्कूली छात्रों को मिलेगा।
- प्रो. जेपी सैनी, कुलपति
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