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सिर कटी लाश का खौफ: गोरखपुर के इस गांव में शाम होते ही पसर जाता है सन्नाटा- 10 दिन बाद भी 'खाकी' के हाथ खाली

Mon, 06 Oct 2025 01:55 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर

सार

हत्या का स्थान गांव के मुख्य मार्ग पर है, जो कई अन्य गांवों को जोड़ता है। यहां पास में गोरखनाथ मंदिर की ओर से संचालित विद्यालय और कृषि विज्ञान केंद्र भी स्थित हैं। यह वही मार्ग है, जिससे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का काफिला नियमित रूप से गुजरता है।
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मृतक महिला की फाइल फोटो( फाइल फोटो) और मौके पर जांच कर पुलिस - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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पीपीगंज थाना क्षेत्र के भुईधरपुर गांव में दस दिन पहले कलावती देवी की सिर काटकर हत्या के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। हत्या का रहस्य अब तक नहीं सुलझा, जिससे शाम होते ही गांव और आसपास के बाजार सूनसान हो जाते हैं। व्यापार और सामाजिक जीवन पर इसका असर स्पष्ट नजर आने लगा है। आलम यह है कि लोग अंधेरा होने से पहले ही घर लौट जाते हैं।

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भुईधरपुर ग्राम सभा और आस-पास के टोले के निवासी प्रदीप ने बताया कि गांव में किसी से कोई पुरानी दुश्मनी नहीं थी। हत्यारा अभी तक पकड़ा नहीं गया है, इसलिए सभी लोग डर में जी रहे हैं। शाम होते ही घर लौट आते हैं, डर है कि कहीं हत्यारा किसी और को निशाना न बना दे।

उन्होंने बताया कि पुलिस पूछताछ के दौरान कुछ लोगों ने स्थानीय तांत्रिक रामविनय दुबे का नाम भी लिया, लेकिन अब तक कोई ठोस नतीजा नहीं निकला। वहीं, पड़ोसी गांव पचगहवां के पूर्व प्रधान कमलेश ने बताया कि पूरे क्षेत्र में भय है। शाम के बाद बाजारों से भीड़ गायब हो जाती है।

बच्चे और बड़े अंधेरा होने से पहले घर लौट जाते हैं। माता-पिता बच्चों को स्कूल भेजने में भी हिचकिचा रहे हैं। डर है कि अगला शिकार कोई और निर्दोष न बन जाए। इधर, भुईधरपुर निवासी संदीप यादव ने कहा, कि कलावती देवी बेहद सरल और सज्जन स्वभाव की महिला थीं। उनकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी। फिर भी उनकी इतनी निर्मम हत्या कर दी गई। अब लोग घरों से निकलने से डरते हैं।
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मुख्यमंत्री के आवागमन वाला मार्ग, फिर भी पुलिस नाकाम
हत्या का स्थान गांव के मुख्य मार्ग पर है, जो कई अन्य गांवों को जोड़ता है। यहां पास में गोरखनाथ मंदिर की ओर से संचालित विद्यालय और कृषि विज्ञान केंद्र भी स्थित हैं। यह वही मार्ग है, जिससे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का काफिला नियमित रूप से गुजरता है।

दो महीने पहले ही मुख्यमंत्री इसी मार्ग से होकर गुजरे थे। इसके बावजूद, पुलिस को अब तक कोई ठोस सफलता नहीं मिली है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो लोगों का पुलिस पर से भरोसा उठ जाएगा। फिलहाल पुलिस घटनास्थल और आस-पास के गांवों में जांच में जुटी हुई है, लेकिन हत्यारे का सुराग अब भी रहस्य बना हुआ है।
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