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Gorakhpur News: चार दिन किसान करें इंतजार, उर्वरक की समस्या का होगा समाधान

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गोरखपुर। जिले में जारी फास्फेटिक उर्वरक की किल्लत के बीच शुक्रवार को एक रैक डीएपी जिले को मिल रहा है। इसके अलावा 24 नवंबर तक जिले को 50760 बोरी फास्फेटिक उर्वरक मिल जाएगा। इसमें डीएपी, एनपीके एवं पोटास शामिल है। जो रैक आ रहा है उसमें से 30 प्रतिशत उर्वरक सहकारी समितियों पर भेजा जाएगा। शेष प्राइवेट दुकानों को जाएगा।
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यह जानकारी जिला कृषि अधिकारी देवेंद्र प्रताप सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि 22 नवंबर, से 24 नवंबर, तक नकहा रैक प्वाइंट से इफको की डीएपी लगभग 10000 बोरी व एनपीके लगभग 17000 बोरी, हिन्दुस्तान उर्वरक एवं रासायन लि० की डीएपी लगभग 17760 बोरी के अलावा टीएसपी लगभग 5000 बोरी, इंडियन पोटास लि० की डीएपी लगभग 14000 बोरी तथा पारादीप फॉस्फेट लि० की डीएपी 9000 बोरी एवं एनपीके 5000 बोरी, इस प्रकार कुल 50760 बोरी डीएपी, एनपीके 22000 बोरी उर्वरक की रैक सहकारिता / निजी क्षेत्र में प्राप्त हो रही है।
निजी क्षेत्र में प्राप्त फॉस्फेटिक उर्वरक का 30 प्रतिशत (डीएपी 12228 बोरी एवं एनपीके 1500 बोरी) सहकारिता क्षेत्र में दिया जायेगा। डीएपी उर्वरक का आवंटन रैक प्वाइंट से ही जनपद के समस्त समितियों व निजी क्षेत्रों को किया जाएगा। उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा है कि उर्वरक लेने के लिए किसान अपने खेत के कागजात लेकर दुकान या समितियों पर जाएं। जनपद में किसी भी प्रकार के उर्वरक जैसे डीएपी, एनपीके कंपलेक्स, यूरिया, सिंगल सुपर फास्फेट एवं पोटास आदि की कोई कमी नहीं है.। क्योंकि सहकारिता / निजी क्षेत्रों में नत्रजन एवं फॉस्फेटिक उर्वरकों की लगातार रैंके प्राप्त हो रही हैं।
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