गोरखपुर के पिपराइच इलाके के महुआचाफी में सोमवार की रात पकड़े गए पशु तस्कर की मेडिकल कॉलेज में शुक्रवार की सुबह इलाज के दौरान मौत हो गई। मौत की सूचना मिलते ही जिले के आला अधिकारी मेडिकल कॉलेज चौकी पहुंचे। परिजनों को भी बुलाया।
मृतक पशु तस्कर अजमल उर्फ अजहर हुसैन उर्फ सद्दाम हुसैन के शव को लेने पिता ईशा मोहम्मद गांव के चार अन्य व्यक्तियों के साथ शाम छह बजे बोलेरो गाड़ी से मेडिकल कालेज पहुंचे। पिता और उनके साथ आए लोग अजमल का शव बिहार लेकर नहीं गए। उन्होंने शव गोरखपुर में दफना दिया।
पिता का कहना पूरा परिवार इसकी हरकतों से तंग था। जब भी घर पहुंचता नशे में धुत रहता था। पत्नी और पिता को भी मारता पीटता था। घर पर महीने या पंद्रह दिन में एक बार जाता था और शराब पीकर आर्केस्ट्रा देखता, रुपये उड़ाता था। घर की स्थिति काफी दयनीय है। पिता ईशा मोहम्मद के दो बेटे व पांच बेटियां है। जिसमें से अजमल बड़ा है, छोटा बेटा रियाजुल हुसैन पढ़ाई करता है।
चार बेटियों की शादी हो चुकी है। अजमल का एक बेटा व दो बेटियां है। गांव से आए व्यक्तियों ने बताया कि नाम बता देंगे तो गांव में बदनामी होगी कि पशु तस्कर का शव लेने गए थे, समाज बहिष्कृत कर देगा।
घटना की जानकारी के बारे में पूछने पर पिता और साथ में आए लोगों ने बताया कि मंगलवार को चैनलों व सोशल मीडिया पर खबरें चल रही थी कि पशु तस्कर एक युवक की हत्या कर भाग निकले हैं जिनमें से एक को गांव वाले पकड़कर मारा पीटा था।
बाद में पकड़े गए तस्कर की फोटो से पहचान हुई, अजमल को पुलिस ने पकड़ लिया है। जो घायल अवस्था में मेडिकल कालेज भर्ती था। शुक्रवार की सुबह उसकी मौत हो गई तो पुलिस ने फोन करके घर वालों को बुलाया।
कोई रिश्तेदार या गांव वाले आने को तैयार नहीं थे। किसी तरह चार लोग आने को तैयार हुए। मृतक अजमल के पोस्टमार्टम में सिर की हड्डी और एक कंधे की हड्डी टूटी है। पीठ पर भी चोट के निशान मिले हैं। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस के साथ पिता के साथ आए लोग शव को दफनाने के लिए गोरखपुर के नॉर्मल स्टैंड के पास कब्रिस्तान में ले गए। वो अजमल के शव को बिहार लेकर नहीं गए।