बस्ती से सहजनवां तक बोलेरो में घिसटकर युवक की मौत का मामला
बस्ती से काम निपटाकर लौटते वक्त कांटे के पास आया था बोलेरो की चपेट में
गोरखपुर। सहजनवां के चांदबारी गांव में बृहस्पतिवार रात सड़क किनारे मिले क्षत-विक्षत शव की पहचान हो गई है। बाएं हाथ के गोदना से परिजनों ने शव की पहचान की। वह खोराबार के रामपुर डाड़ी गांव का सत्येंद्र था। वह काम के सिलसिले में बस्ती गया था। लौटने के दौरान संतकबीरनगर के कांटे के पास बरातियों से भरी बोलेरो की चपेट में आ गया था।
बोलेरो में फंसे सत्येंद्र को चालक ने वाहन रोकने के बजाय चलाना जारी रखा। इससे युवक करीब 30 किलोमीटर तक घसीटते हुए सहजनवां के चांदबारी गांव तक आया। क्षत विक्षत शव के चलते पहचान मुश्किल था। पुलिस ने फॉरेंसिक टीम को बुलाकर कपड़े, खून के धब्बे, टायरों के निशान और अन्य साक्ष्य जुटाए। शव पर बाएं हाथ में ‘केएस’ लिखा गोदना मिला, जिससे पहचान की शुरुआत हुई।
रविवार सुबह जब रामपुर डाड़ी निवासी परिजन सहजनवां थाने पहुंचे तो शव की पहचान हुई। पिता सच्चिदानंद ने बताया कि सत्येंद्र अपने साथी पंचमदेव के साथ बाइक से बस्ती में किसी जरूरी कार्य से गए थे। लौटते वक्त कांटे के पास वह बाइक से नीचे उतर गए। इसके बाद दौरान बोलेरो की चपेट में आ गए। तलाश करने के बाद पंचमदेव घर लौट आए थे। इसी बीच कांटे से शव फंसकर चांदबारी पहुंचने की सूचना परिजनों को मिली। परिजनों ने बताया कि घटना के दिन सुबह में सत्येंद्र से बात हुई थी। उसने शाम तक घर आने की बात कही थी।
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चार भाइयों में तीसरे नंबर का था सत्येंद्र
सत्येंद्र की शादी 2022 में प्रियंका से हुई थी। एक बेटा सुग्गु है। चार भाइयों में तीसरे नंबर पर था। मजदूरी व खेती कर परिवार का पेट पालते थे। बेटे की मौत की खबर मिलते ही पिता सच्चिदानंद ने सहजनवां थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
बोलेरो चालक की तलाश जारी
घटना के बाद बोलेरो चालक शव देखकर भाग गया। बरात में शामिल बोलेरो का नंबर ट्रेस होने के बाद पुलिस मालिक से पूछताछ कर रही है। चालक की तलाश चल रही है। एसपी दक्षिणी जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि वाहन चालक की गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही है। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।