जिले में हैं 2504 प्राथमिक और जूनियर हाईस्कूल
इनमें 504 स्कूलों में शिक्षक की तुलना में कम बच्चे, स्कूलों को मर्ज करने की तैयारी
गोरखपुर। जिले के 504 प्राथमिक विद्यालय और जूनियर हाई स्कूलों के अस्तित्व पर संकट खड़ा हो गया है। इन विद्यालयों के बच्चों और शिक्षकों को दूसरे विद्यालयों में मर्ज करने की तैयारी है। जिसके बाद यह स्कूल बंद हो जाएंगे। शिक्षा विभाग यह कार्रवाई उन विद्यालयों पर करने की तैयारी में है, जिनमें बच्चों की संख्या बहुत ही कम, जबकि शिक्षकों की संख्या मानक से ज्यादा है।
शिक्षा विभाग के प्राथमिक विद्यालयों में 30 बच्चों पर एक शिक्षक और जूनियर हाईस्कूल में 35 बच्चों पर एक शिक्षक होना आवश्यक है। इसके साथ ही 150 बच्चों पर प्रधानाचार्य की तैनाती की जाती है।
शिक्षा विभाग के आंकड़ोंं के मुताबिक, जिले में 2504 प्राथमिक और जूनियर हाईस्कूल हैं। इनमें 504 स्कूल ऐसे हैं, जिनमें शिक्षक की तुलना में बच्चों की संख्या कम है। इनमें करीब 40 विद्यालय ऐसे हैं, जिनमें जिनमें एक या दो बच्चों का ही एडमिशन हुआ है। शिक्षा विभाग अब ऐसे विद्यालयों को आस-पास के दूसरे विद्यालयों में मर्ज करने की तैयारी में है, जिनमें बच्चों की संख्या मानक से कम है।
इस संदर्भ में बेसिक शिक्षा अधिकारी रमेंद्र कुमार सिंह ने जिले के सभी खंड शिक्षा अधिकारियों और नगर शिक्षा अधिकारियों को पत्र लिखा है। उन्हें निर्देशित करते हुए कहा है कि जिन विद्यालयों में बच्चों की संख्या 50 से कम है, उनके पास के विद्यालयों का निरीक्षण किया जाए। उन विद्यालयों में क्या सुविधाएं हैं और किन सुविधाओं की आवश्यकता है, इसकी रिपोर्ट उन्हाेंने तीन दिन में मांगी है।