बदली परिस्थितियों में भी हमारी सेना ने दुश्मन को उसकी सीमाओं का कराया एहसास
गोरखनाथ मंदिर स्थित दिग्विजयनाथ सभागार में आयोजित ‘भारत के समक्ष राष्ट्रीय सुरक्षा की चुनौतियां’ संगोष्ठी में बोले सीएम व गोरक्षपीठाधीश्वर
गोरखपुर। मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नागरिक चैन की नींद इसलिए सो पाते हैं कि हमारे सैनिक देश के मोर्चे पर माइनस 50 डिग्री तापमान में कठिन परिश्रम करते हुए देश की सुरक्षा के लिए खड़े रहते हैं। भारतीयों के लिए यह गर्व की बात है कि भारतीय सेना दुनिया की सर्वश्रेष्ठ सेनाओं में से एक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में युद्ध के तौर तरीके बदले हैं। बदली परिस्थितियों में भी हमारी सेना ने दुश्मन को उसकी सीमाओं का एहसास कराया है।
सीएम योगी, शुक्रवार को गोरखनाथ मंदिर स्थित दिग्विजयनाथ सभागार में आयोजित ‘भारत के समक्ष राष्ट्रीय सुरक्षा की चुनौतियां’ विषयक संगोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे थे। सीएम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए दिए गए पंचप्रण का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें सेना के जवानों के प्रति सम्मान का भाव रखने का भी एक संकल्प है। सीएम ने कहा कि वैदिक काल से ही भारत में यह शिक्षा दी गई है कि धरती हमारी माता है और हम धरती के पुत्र हैं। कोई भी सुयोग्य पुत्र मां के साथ अराजकता बर्दाश्त नहीं कर सकता। भारत मां की आन, बान, शान के प्रति किसी ने दुस्साहस किया तो उसके खिलाफ हर भारतीय खड़ा होगा।
-
राष्ट्र के लिए समर्पित रहा गोरक्षपीठ के ब्रह्मलीन महंतद्वय का जीवन
गोरक्षपीठ के ब्रह्मलीन महंतद्वय दिग्विजयनाथ और महंत अवेद्यनाथ की स्मृति को नमन करते हुए मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आध्यात्मिक साधना के साथ ब्रह्मलीन महंतद्वय का पूरा जीवन राष्ट्र के लिए समर्पित रहा। पांथिक संकीर्णता में बंधे रहने की बजाय उन्होंने भारत और भारतीयता के लिए किए गए हर आह्वान में बढ़-चढ़कर भाग लिया। महंतद्वय की स्मृति में राष्ट्र से जुड़े विषयों पर संगोष्ठी का यह आयोजन गुरु परंपरा के प्रति गौरव की अनुभूति और कृतज्ञता प्रकट करने का अवसर होता है।
-
सीएम ने दी शिक्षक दिवस की बधाई
मुख्यमंत्री ने देश के दूसरे राष्ट्रपति सर्वपल्ली डॉ. राधाकृष्णन को उनकी जयंती पर याद किया और इस अवसर पर मनाए जाने वाले शिक्षक दिवस की बधाई सभी शिक्षकों को दी। सीएम ने कहा कि डॉ. राधाकृष्णन एक दार्शनिक शिक्षक थे। उन्होंने समाज के मुद्दों को दार्शनिक अंदाज में देश और दुनिया के सामने प्रस्तुत किया।