पीपीगंज कस्बे के वार्ड नंबर 9 मंगलपुर गांव का मामला
पुलिस की जांच में छात्र का निकला ड्रोन, उसे दी गई नियमों की जानकारी
जंगल कौड़िया। पीपीगंज नगर पंचायत के वार्ड नंबर 9 मंगलपुर गांव में रविवार सुबह एक संदिग्ध ड्रोन पेड़ से टकराकर टीनशेड पर गिर गया। ड्रोन से निकले तारों को देखकर आसपास के लोग डर गए और मौके पर भीड़ जमा हो गई। लोगों ने डायल 112 पर सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ड्रोन को कब्जे में थाने ले आए। सोशल मीडिया वीडियो वायरल होने के बाद एक छात्र ने थाने पहुंचकर बताया कि ड्रोन मैंने ही उड़ाया था।
ड्रोन को लेकर तरह-तरह की अफवाहें फैलने से रविवार को क्षेत्र में हड़कंप मच गया। नगर पंचायत के ही कक्षा 10 के छात्र ईश कुमार ने थाने पहुंचकर बताया कि ड्रोन उनका है। उसने विज्ञान प्रयोग के लिए ड्रोन बनाया था, जिसमें कोई कैमरा नहीं है। ड्रोन का रेंज एक किलोमीटर था, लेकिन कनेक्टिविटी टूटने से यह डेढ़ किलोमीटर दूर जा गिरा। छात्र को ड्रोन उड़ाने के नियमों की जानकारी नहीं थी।
क्षेत्राधिकारी कैंपियरगंज विवेक कुमार तिवारी ने बताया कि छात्र ने स्वयं थाने आकर घटना की जानकारी दी। पुलिस ने उसे ड्रोन उड़ाने के नियमों और कानूनी दिशा निर्देशों के बारे में समझाया। जांच में पता चला कि छात्र किसी गलत नीयत से ड्रोन नहीं उड़ा रहा था।
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विज्ञान के छात्रों को सिखाया जाता है ड्रोन बनाना
महंत अवेद्यनाथ राजकीय महाविद्यालय जंगल कौड़िया के भौतिक विज्ञान के आचार्य डॉ. प्रवीण सिंह ने बताया कि भौतिक विज्ञान के तहत छात्रों को ड्रोन बनाना और उड़ाना सिखाया जाता है। यह उनकी दक्षता बढ़ाने की सामान्य प्रक्रिया है। बैटरी कमजोर होने के चलते या कनेक्टिविटी न होने के चलते ड्रोन कभी-कभी अपने आप गिर जाता है। हालांकि, उन्होंने जोर दिया कि ड्रोन उड़ाने के नियमों का पालन करना सभी का नैतिक कर्तव्य है।