मेडिकल कॉलेज में डॉ. अबीशो डीजे की मौत के बाद हास्टल में सामान लेने पहुंचे परिजन (स्रोत संवाद)
बीआरडी में डाॅ. अबीशो की मौत का मामला
बेटे के कमरे में जाते ही भावुक हो गए डॉ. अबीशो डीजे के पिता डेविड
गुलहरिया। डॉ. अबीशो डीजे की मौत के बाद शनिवार को उनके पिता डेविड व बड़े भाई डॉ. अभिनव मेडिकल कॉलेज स्थित पीजी हॉस्टल में पहुंचे। वहां पुलिस की मौजूदगी में कमरे का ताला खोलकर सारा सामान पैक कराने के बाद पार्सल से तिरुवनंतपुरम भेज दिया। इस दौरान वह खुद अपने हाथों से बेटे का एक एक सामान को बाक्स में रख रहे थे। इसमें उनके बड़े बेटे अभिनव ने साथ दिया। इस दौरान वह भावुक हो गए।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के पीजी हॉस्टल में 11 जुलाई की सुबह जूनियर रेजिडेंट डॉ. अबीशो डीजे का शव मिला था। अगले दिन बड़े भाई डॉ. अभिनव, ससुर सेल्वेराम व बहनोई प्रजीत पोस्टमार्टम कराकर शव को फ्लाइट से केरल ले जाकर अंतिम संस्कार करा दिया था। अबीशो पीजी 100 बेड वाले हॉस्टल के जी 25 नंबर कमरे में रहते थे। हादसे के बाद पुलिस और बीआरडी प्राचार्य की मौजूदगी में कमरे को सील कर दिया गया था।
शनिवार सुबह 8 बजे केरल से अबीशो के पिता और भाई मेडिकल कॉलेज पुलिस चौकी सामान लेने पहुंचे। प्रभारी निरीक्षक गुलरिहा जीतेंद्र कुमार सिंह ने मेडिकल काॅलेज के प्राचार्य डॉ. रामकुमार जायसवाल को सूचना देकर पिता और भाई को हॉस्टल लेकर पहुंचे। वीडियो रिकॉर्डिंग कराते हुए सील कमरा खोला गया। पिता कमरे में दाखिल होते ही भावुक हो गए। बेटे का एक-एक सामान पिता अपने हाथों से बैग में पैक किया। इस दौरान दीवारों पर लगे स्लोगन को अपने फोन से फोटो खींचकर बेटे की यादों को संजोया।
यह था मामला
मूलरूप से केरल के तिरुवनंतपुरम के पंपकुंदमकुजुझी पलुरकोनम पारास्सला निवासी डॉ. अबीशो डीजे (32) बीआरडी मेडिकल कॉलेज में एनेस्थीसिया विभाग में तृतीय वर्ष का छात्र थे। 10 जुलाई की रात पौने ग्यारह बजे अपने हॉस्टल के जी-25 में साथी के साथ पढ़ाई कर रहे थे। भूख लगने पर दोनों साथ में बाहर खाना खाने गए और वापस आकर करीब ढाई बजे तक दोनों ने साथ में पढ़ाई की। इसके बाद साथी छात्र अपने हॉस्टल चला गया। 11 जुलाई की सुबह कमरे में वह बेड पर मृत मिले थे। बाएं हाथ में दो इंजेक्शन के निशान मिले थे।