गोरखपुर। ग्रामीण क्षेत्रों में भवन निर्माण कराने वालों की तरफ से नक्शा स्वीकृति के लिए पिछले दो साल में जिला पंचायत को 65 आवेदन मिले। इसमें से 60 भवनों के मानचित्र स्वीकृत किए गए। जबकि पांच आवेदन अभी प्रक्रिया में है। जिला पंचायत के मुताबिक नगर निगम, जीडीए और गीडा क्षेत्र में आने वाली भूमि को छोड़ कर ग्रामीण क्षेत्रों में भवन निर्माण के लिए मानचित्र स्वीकृत कराना जरूरी है।
23 अप्रैल 2022 के शासनादेश के मुताबिक जिला पंचायत के क्षेत्र में आने वाले ग्रामीण इलाकों में रिहायशी भवन, हास्पिटल, विद्यालय या व्यवसायिक भवन निर्माण के लिए मानचित्र स्वीकृत कराना जरूरी है। बीते दो वर्षो में विभाग के पास मानचित्र की स्वीकृति के लिए 65 आवेदन मिले। इसमें से विभाग ने 60 भवनों के मानचित्र स्वीकृत किए। जबकि पांच मानचित्र स्वीकृति की प्रक्रिया में है। विभाग के मुताबिक 300 वर्गमीटर से कम भूमि होने पर मानचित्र स्वीकृत कराने की आवश्यकता नहीं है। मानचित्र के लिए आवेदन पर विभाग के इंजीनियर जांच कर अनापत्ति प्रमाणपत्र देते हैं। मानचित्र के लिए आवेदन स्वीकृति के लिए विभाग आवेदक को एक माह का समय देता है। आवेदक को निर्माण लागत का एक प्रतिशत लेबर शेष धनराशि श्रमायुक्त कार्यालय में जमा करना होता है।
नक्शा स्वीकृति के लिए जरूरी प्रपत्र: आधार कार्ड, पेन कार्ड की फोटो प्रति, मानचित्र की तीन प्रतिया, जमीन का रजिस्ट्री पेपर, खतौनी, बड़े भवन के लिए भूकंपरोधी प्रमाण पत्र, कामर्शियल के लिए अग्निशमन विभाग का अनापत्ति प्रमाण पत्र, शपथ पत्र देना होता है।
-
नगर निगम, जीडीए, गीडा क्षेत्र को छोड़कर ग्रामीण क्षेत्र में आवासीय और कामर्शियल भवनों के निर्माण के लिए नक्शा जरूर स्वीकृत करा लें अन्यथा किसी भी विधिक कार्यवाही की उनकी व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी।
वी के सिंह, अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत