गीडा। थाना क्षेत्र के नगवा गांव में डीह स्थान पर ग्राम पंचायत की ओर से लगवाए गए खड़ंजा को लेकर शनिवार को विवाद हो गया। ग्राम प्रधान भगवान सिंह ने आरोप लगाया कि गांव के एक परिवार ने खड़ंजा उखाड़ा है। मामले की जानकारी मिलते ही गांव के सैकड़ों युवक मौके पर पहुंच गए। इससे स्थिति गंभीर होने लगी। इसी बीच सूचना पर पहुंची गीडा पुलिस ने दोनों पक्षों को थाने बुलाकर मामला शांत कराया। साथ ही राजस्व विभाग की पैमाइश होने तक निर्माण कार्य पर रोक लगा दी।
गांव के ग्रामीणों ने बताया कि डीह स्थान पर आने-जाने के रास्ते में ग्राम पंचायत की ओर से करीब एक सप्ताह पहले 50 मीटर इंटरलॉकिंग कराई गई थी। बरसात के कारण लगभग 4–5 मीटर कार्य बाकी रह गया था। इस बीच पास में रहने वाले रामगुलाम, रामसेवक, उमाशंकर और रमाशंकर ने आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान ने उनकी पुश्तैनी जमीन पर जबरन रास्ता बनवाया है। इसको लेकर उन्होंने 25 अगस्त को एसडीएम सहजनवां और एसओ गीडा को प्रार्थना पत्र देकर हस्तक्षेप करने की मांग की थी। ग्राम प्रधान भगवान सिंह ने बताया कि डीह स्थान पर जाने और चारों ओर आने-जाने की सुविधा के लिए ग्रामवासियों की मांग पर इंटरलॉकिंग कराई गई थी। लेकिन विरोधी पक्ष ने रास्ते का कुछ हिस्सा उखाड़ दिए। इसके बाद ग्रामीण युवक वहां पहुंचकर पुनः खड़ंजा लगाने लगे, जिस पर विवाद की नौबत आ गई। ग्राम प्रधान ने इस मामले की शिकायत पुलिस और एसडीएम से की है।
एसओ गीडा अश्वनी पांडेय ने बताया कि दोनों पक्षों से कह दिया गया है कि जब तक राजस्व विभाग पैमाइश कर कोई निर्णय नहीं देता, तब तक कोई निर्माण कार्य नहीं होगा। संवाद