गोरखपुर। हत्या की कोशिश का दोषी पाए जाने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश राजीव शुक्ला ने उमेश निषाद, रामहित निषाद, निकलेश निषाद और संजय निषाद को दस साल कठोर कारावास की सजा सुनाई। प्रत्येक को 60 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।
यदि आरोपी अर्थदंड का भुगतान नहीं करते हैं तो उन्हें अतिरिक्त एक साल तीन माह का कारावास भुगतना होगा। खोराबार थाना क्षेत्र के सेंदुली-बेंदुली, बड़गो के सभी आरोपी रहने वाले हैं। अभियोजन पक्ष के अनुसार, वादी कवलेशर का रामहित निषाद से पुराना विवाद था। नौ जनवरी 2017 को वादी का नाती राजमन निषाद घर से बाहर गया और गांव के पश्चिम बगीचे में शौच करने लगा। इसी समय वादी और अन्य ग्रामीण मौके पर पहुंचे। देखा गया कि रामहित, संजय और निकलेश ने राजमन को जान से मारने की नियत से जमीन पर पटक कर पकड़ रखा था। इसी दौरान आरोपी उमेश ने उसके हाथ को धारदार हथियार से काट दिया। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता ने अदालत में अभियोजन पक्ष का पक्ष रखते हुए कहा कि सभी चारों आरोपियों पर हत्या की कोशिश के स्पष्ट साक्ष्य हैं और उन्हें सजा मिलनी चाहिए।