छात्रसंघ, बिलंदपुर, बेतियाहाता, दाउदपुर समेत करीब 20 से ज्यादा मोहल्लों का जा रहा पानी
30 एमएलडी एसटीपी की है क्षमता, उससे ज्यादा जा रहा पानी
गोरखपुर। रामगढ़ताल में गंदा पानी गिरने से उसके प्राकृतिक स्वरूप पर खतरा मंडरा रहा है। घरों से निकलने वाला गंदा पानी पैडलेगंज के पास से भी ताल में सीधे जा रहा है। जिम्मेदारों का दावा है कि पैडलेगंज स्थित पंपिंग स्टेशन से पानी को पंप कर चिड़ियाघर स्थित एसटीपी में शोधित किया जाता है। लेकिन, इसकी क्षमता कम है और आधा पानी ताल में सीधे गिर रहा है।
कुनराघाट पुलिया के पास गंदा पानी गिरने से ताल की खूबसूरती खत्म हो गई है। वहां पानी काला हो गया है। पानी में मौजूद केमिकल की वजह से उसमें सफेद झाग बन गया है। यही हल पैडलेगंज के पास भी हो गया है। रिंग रोड स्थित पुलिया से शहर के 10 से ज्यादा मोहल्लों का पानी ताल में गिरता है। जलनिगम के अधिकारियों का दावा है कि इस पानी को पंपिंग स्टेशन से पंप कर चिड़ियाघर के पास स्थित 30 एमएलडी के एसटीपी में भेजा जाता है। वहां से इसे शोधित कर ताल में छोड़ा जाता है। लेकिन, विशेषज्ञों का कहना है कि पैडलेगंज के पास ताल में 30 एमएलडी से ज्यादा पानी गिरता है। वहां पर काफी दूर तक गंदा पानी नजर आ रहा है। रिंग रोड के किनारे गंदगी साफ झलकती है।
रिंग रोड के किनारे आ रही बदबू
रामगढ़ताल में गंदगी की वजह से आसपास के लोग परेशान हैं। कुनराघाट से पैडलेगंज रिंग रोड पर चलने पर बदबू आ रही है। बृहस्पतिवार शाम हुई बारिश के बाद यह बदबू और बढ़ गई। ताल में नीचे जमी गंदगी की वजह से यह बदबू आ रही थी। शुक्रवार सुबह लोग टहलने निकले तो उन्हें भी बदबू झेलनी पड़ी।
वर्जन....
रामगढ़ताल की सफाई के लिए उपाय किए जा रहे हैं। जलकुंभी की सफाई के लिए एक आधुनिक मशीन मंगाई जा रही है। वहीं, ताल में गिर रहे गंदे पानी के शोधन के लिए एक नई एसटीपी के लिए बात चल रही है।
- आनंद वर्धन, उपाध्यक्ष, जीडीए