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Gorakhpur News: धूमधाम से आज मनेगा दीपोत्सव, सतरंगी रोशनी से जगमगाया शहर

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शुभ मुहूर्त में होगी माता महालक्ष्मी की पूजा-अर्चना
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घर, मंदिर, प्रतिष्ठान, कार्यालयों में सभी जगह जलेंगे दीये, होगी रोशनी
रविवार को मनी छोटी दिवाली, जला यम का एक दीया

गोरखपुर। दिवाली सोमवार को बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाई जाएगी। दिवाली व लक्ष्मी पूजा आस्था भाव के साथ वैधृति योग, वृष व मेष की लग्न व हस्त नक्षत्र में मनाई जाएगी जो कि अत्यंत उत्तम है। इसमें पूजन करने से धन-धान्य की प्राप्ति होगी। इसको लेकर रविवार को शहर सतरंगी रोशनी से जगमगा गया।
मान्यता के अनुसार इसी दिन भगवान राम वनवास से अयोध्या लौटे थे। लोगों ने दीप जलाकर खुशियां मनाई थी। तबसे यह त्याेहार दिवाली के रूप में मनाया जाता है। रविवार शाम को शहर सतरंगी रोशनी से नहाया हुआ नजर आया। गोरखनाथ मंदिर की छटा अलग ही लग रही थी।
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सोमवार को दिवाली के दिन विधि-विधान से श्रद्धालु भगवान गणेश व माता लक्ष्मी की पूजा-अर्चना लोग करेंगे। इसके बाद दीयों व झालर की जमगाती रोशनी के बीच पटाखे व फुलझड़ी जलाकर व मिठाई खिलाकर लोग एक दूसरे को दिवाली की शुभकामनाएं देंगे। गोरखनाथ मंदिर संस्कृत विद्यापीठ के ज्योतिष विभागाध्यक्ष डॉ. दिग्विजय शुक्ल ने बताया कि सूर्यास्त शाम 5:41 मिनट पर होगा। इस समय से लेकर रात 9.06 बजे तक वृष की स्थिर लग्न रहेगी। हस्त नक्षत्र का संचरण अत्यंत उत्तम है। इसमें पूजन करने से धन-धान्य की प्राप्ति होगी। इन दोनों लग्नों एवं प्रदोष समय में गणेश पूजन, लक्ष्मी पूजन आदि सम्पन्न करना तथा दीपदान, कुबेर पूजन, सही खाता पूजन,घर, धर्म स्थलों पर दीप प्रज्ज्वलित करना , ब्राह्मणों तथा अपने आश्रितों को भेंट, मिष्ठान बांटना शुभ रहेगा। मां काली के पूजन के लिए सबसे उत्तम समय रात 12.58 से 3.19 बजे तक किया जा सकता है।

ऐसे करें माता लक्ष्मी का पूजन-अर्चन
पंडित विकास मालवीय ने बताया कि पूजा स्थान को सजाएं, आसन पर मां लक्ष्मी व भगवान गणेश की मूर्ति या चित्र स्थापित करें। कुबेर की प्रतिमा रखें। फिर नारियल, मिठाई, फूल (लाल या सफेद) अर्पित करें और धूप, कपूर, घी का दीपक जलाएं। अक्षत , रोली, कुमकुम, गंगाजल, पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, शक्कर) और पान के पत्ते पूजन में अर्पित करें। पूजा के दौरान लक्ष्मी मंत्रों का जाप जरूर करें। पूजा के आखिर में मां लक्ष्मी की आरती करें। आरती के समय कपूर जलाएं और आरती फिर प्रसाद ग्रहण करें। उन्होंने बताया कि पूजा में कमल का फूल जरुर शामिल करें। बताया कि मां लक्ष्मी के पूजन में कमलगट्टे की माला से ''''ओम श्रीं हृीं श्री कमले कमलालये प्रसीद-प्रसीद ओम श्रीं हृीं श्रीं महालक्ष्म्यै नम:'''' का 108 बार जाप करने से मां लक्ष्मी अतिशीघ्र प्रसन्न होती हैं। इसके अलावा ग्रहीय परिवर्तन को देखते हुए सबसे लक्ष्मी, गणेश, कुबेर के अलावा दूसरे देवताओं की भी पूजा करनी चाहिए। इससे हर भव बाधा से मुक्ति मिलती है।
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मनाई छोटी दिवाली, जलाया एक दीया
नरक चतुर्दशी, छोटी दिवाली रविवार को आस्था के साथ मनाई गई। लोगों ने देर रात अपने घरों के बाहर यम का दीया जलाया। बताया जाता है कि इस दिन भगवान श्रीकृष्ण ने नरकासुर का वध किया था इसलिए इस दिन को नरक चतुर्दशी के नाम से जाना जाता है। इसदिन घर के बाहर एक चौमुख दीया निकालने से अकाल मृत्यु में कमी आती है। इसके साथ ही घरों का दोष भी दूर होता है जिससे तरक्की घर के लोग करते हैं।
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