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दीपक हत्याकांड :: 02 हत्याकांड के बाद गोरखपुर में पिकअप वाहनों का सत्यापन शुरू

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डीआईजी के निर्देश पर पुलिस की सख्ती, गड़बड़ी मिलने पर होगी कानूनी कार्रवाई
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गोरखपुर। पिपराइच के जंगल धूसड़ में हुए नीट छात्र दीपक गुप्ता हत्याकांड के बाद पुलिस ने पिकअप वाहनों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। डीआईजी डॉ. एस. चनप्पा के निर्देश पर एसपी सिटी अभिनव त्यागी के नेतृत्व में जिलेभर में पिकअप वाहनों का सत्यापन शुरू हो गया है। परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, गोरखपुर जिले में कुल 872 पिकअप पंजीकृत हैं। इनकी थानेवार सूची तैयार कर बीट पुलिस अधिकारियों को सौंप दी गई है।

डीआईजी के निर्देश के मुताबिक, बीट पुलिस अधिकारी (बीपीओ) अपने क्षेत्र में दर्ज वाहनों का भौतिक सत्यापन कर रहे हैं। इसके तहत गाड़ियों के फोटो खींचे जा रहे हैं। चालक के नाम और मोबाइल नंबर नोट किए जा रहे हैं। रोजमर्रा के उपयोग की जानकारी ली जा रही है। साथ ही यह भी जांचा जा रहा है कि नंबर प्लेट सही है या नहीं, वाहन में किसी तरह का संशोधन (मॉडिफिकेशन) तो नहीं किया गया है। यदि गाड़ी किराए पर चल रही है तो लेन-देन के रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं।
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एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने बताया कि सत्यापन के बाद जिन वाहनों में गड़बड़ी मिलेगी, उन पर केस दर्ज किया जाएगा। साथ ही वाहन सीज कर मालिकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई न सिर्फ महुआचाफी जैसी घटनाओं को रोकने के लिए है, बल्कि पिकअप वाहनों की आड़ में हो रही आपराधिक गतिविधियों पर भी लगाम लगाने के उद्देश्य से की जा रही है।
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किस सर्किल में कितने पिकअप
परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, कोतवाली क्षेत्र में 74, कैंट में 141, गोरखनाथ में 101, कैंपियरगंज में 133, गीडा में 63, चौरीचौरा में 57, बांसगांव में 91, गोला में 114 और खजनी सर्किल क्षेत्र में 98 पिकअप पंजीकृत हैं। इसके अलावा देवरिया, कुशीनगर और महराजगंज जिलों में दर्ज पिकअप का भी विवरण जुटाया जा रहा है। डीआईजी रेंज ने इस पूरे अभियान का नोडल एसपी सिटी अभिनव त्यागी को बनाया है।
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