गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में इंजीनियरिंग संकाय के विद्यार्थी अब चिप और सर्किट डिजाइनिंग में भी एक्सपर्ट बनेंगे। विद्यार्थियों की सुविधा के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स और संचार इंजीनियरिंग की अत्याधुनिक लैब बनाई जाएगी। कार्य परिषद से इसके लिए बजट भी स्वीकृत हो चुका है।
इंजीनियरिंग संकाय में अत्याधुनिक लैब्स की स्थापना के लिए वित्त समिति और कार्य परिषद ने करीब 1.5 करोड़ रुपए की धनराशि को मंजूरी पहले ही दे दी है। इसमें इलेक्ट्रॉनिक्स और संचार इंजीनियरिंग के विभिन्न पहलुओं में व्यापक व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए विशेष प्रयोगशालाएं शामिल होंगी। इसमें बेसिक इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस लैब, डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक्स और माइक्रोप्रोसेसर और माइक्रोकंट्रोलर लैब, वीएलएसआई डिजाइन लैब और एंबेडेड सिस्टम लैब, एनालॉग और डिजिटल संचार लैब, इलेक्ट्रोमैग्नेटिक इंजीनियरिंग लैब शामिल हैं। ये लैब छात्रों को इलेक्ट्रॉनिक सर्किट डिजाइन करना, चिप डिजाइनिंग सीखने और डिजिटल सिग्नल प्रोसेसिंग (डीएसपी) तकनीकों को लागू करने विशेष रूप से डीएसपी और वीएलएसआई (वेरी लार्ज स्केल इंटरग्रेशन) में सक्षम बनाएंगी।
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भविष्य में बढ़ेंगे अवसर
कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि इन उन्नत इलेक्ट्रॉनिक्स और संचार प्रयोगशालाओं की स्थापना शीर्ष इंजीनियरिंग शिक्षा प्रदान करने के हमारे दृष्टिकोण के अनुरूप है। भारत में चिप निर्माण को गति देने के लिए प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में की गई पहल के साथ, ये प्रयोगशालाएं हमारे छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण आधार के रूप में काम करेंगी, जो उन्हें इस बढ़ते क्षेत्र में भविष्य के अवसरों के लिए तैयार करेंगी। बेसिक इलेक्ट्रॉनिक्स और इंजीनियरिंग लैब का उपयोग सभी प्रथम वर्ष के स्नातक इंजीनियरिंग छात्रों द्वारा किया जाएगा, जबकि इलेक्ट्रॉनिक्स और संचार इंजीनियरिंग में आगे के सेमेस्टर के छात्रों को विशेष प्रयोगशालाओं से लाभ होगा।