समिति का गठन होते ही दीक्षांत की तैयारियां तेज, शोध व पेटेंट की भी लगाई जाएगी प्रदर्शनी
मेडल डोनर्स के साथ समाज के प्रबुद्ध वर्ग को भी दीक्षांत में आमंत्रित करेगा डीडीयू
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के 44वें दीक्षांत समारोह की तैयारियों को लेकर शनिवार को कुलपति प्रो. पूनम टंडन की अध्यक्षता में समन्वयकों की महत्वपूर्ण बैठक हुई। इसमें आयोजन को भव्य और व्यवस्थित बनाने को लेकर विचार-विमर्श किया गया।
इस वर्ष दीक्षांत समारोह 25 अगस्त को पहली बार विश्वविद्यालय परिसर से बाहर गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित किया जा रहा है। कुलपति प्रो. टंडन ने आयोजन स्थल की गरिमा के अनुरूप समारोह को सजग, सृजनात्मक और प्रेरणास्पद रूप देने पर बल दिया। उन्होंने समन्वयकों से आग्रह किया कि वे नए विचारों और अभिनव पहल के साथ अपनी भूमिका निभाएं। कुलपति ने विद्वतजन पदयात्रा के आयोजन का भी प्रस्ताव रखा, जिसे पीएसी बैंड की धुन पर निकाला जाएगा। यह पद यात्रा दीक्षांत समारोह की एक ऐतिहासिक और गौरवशाली झलक प्रस्तुत करेगी।
कुलपति ने यह भी सुझाव दिया कि गंभीरनाथ प्रेक्षागृह के बाह्य हॉल का उपयोग विश्वविद्यालय की प्रमुख शैक्षणिक और शोध उपलब्धियों की प्रदर्शनी के लिए किया जाए। इसमें विश्वविद्यालय द्वारा प्राप्त राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग, पेटेंट की संख्या, प्लेसमेंट सेल की गतिविधियों और सामाजिक सहभागिता वाले कार्यक्रमों को प्रदर्शित किया जाए।
मेधावी छात्रों और पदक विजेताओं के साथ उनके अभिभावकों को भी समारोह में आमंत्रित किया जाएगा, ताकि छात्र की सफलता को परिवार के साथ साझा किया जा सके। विशेष बात यह है कि इस बार लगभग 75 पदक जो विभिन्न दाताओं द्वारा प्रायोजित हैं, उनके डोनर्स और परिजनों को भी आमंत्रित किया जाएगा।
इस अवसर पर प्रति कुलपति प्रो. शांतनु रस्तोगी, प्रो. नंदिता सिंह, प्रो. अनुभूति दुबे, प्रो. विनोद सिंह, प्रो. विनय सिंह, प्रो. हिमांशु चतुर्वेदी आदि मौजूद रहे।