दीक्षांत समारोह के तहत गोद लिए गांवों में शुरू हुईं प्रतियोगिताएं
विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल करेंगी पुरस्कृत
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में दीक्षांत के मंच से गोद लिए गांवों के बच्चे भी पुरस्कृत किए जाएंगे। इसके लिए सोमवार को गोद लिए पांच गांवों के प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों के बीच प्रतियोगिताएं भी शुरू हो गईं। प्रथम चरण के विजेताओं के बीच 20 अगस्त को फाइनल प्रतियोगिता होगी।
डीडीयू के राष्ट्रीय सेवा योजना की तरफ से पिपरौली और पिपराइच विकास खंड क्षेत्र के पांच गांवों क्रमश: भौवापार, ब्यवहरिया, खड़राइच खुर्द, रक्षवापार व मुरेरी खुर्द का चयन किया गया है। प्रो. दिव्या रानी सिंह के नेतृत्व में इन गांवों के विद्यालयों में सोमवार को भाषण, चित्रकला और कहानी कथन प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। उनमें से उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों का चयन भी फाइनल प्रतियोगिता के लिए कर लिया गया।
बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के सहयोग से पहले चरण की प्रतियोगिता संपन्न हुई। एनएसएस के समन्वयक डॉ. सत्यपाल सिंह ने बताया कि अच्छा प्रदर्शन करने वाले बच्चों के भाषण, चित्रकला और कहानी कथन का बुकलेट भी प्रकाशित किया जाएगा। बुकलेट का वितरण दीक्षांत समारोह में किया जाएगा।
दीक्षांत के मंच से भी भाषण का मौका
इस प्रतियोगिता में जिस विद्यार्थी का भाषण सबसे अच्छा होगा, उसे दीक्षांत समारोह के मंच से भी कुलाधिपित आनंदीबेन पटेल और अन्य अतिथियों के सामने भाषण देने का मौका मिलेगा। इसे लेकर स्कूलों में भी अपने बच्चों को तैयार करने को लेकर कवायद चल रही है।
डीडीयू : दीक्षाेत्सव में 144 छात्र-छात्राओं ने दिखाई प्रतिभा
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के 44वें दीक्षांत समारोह की श्रृंखला के अंतर्गत सोमवार को ''''दीक्षोत्सव -2025'''' कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। सांस्कृतिक प्रकोष्ठ ''''तरंग'''' की तरफ से आयोजित कार्यक्रम के पहले दिन 144 छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया।
सोमवार को प्रतियोगिताओं की शुरुआत कविता एवं निबंध प्रतियोगिता से हुुई। इसमें 96 छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। संयोजन डॉ. आमोद राय एवं डॉ. कुलदीपक शुक्ल ने किया। इसके बाद आयोजित देशभक्ति एवं लोकगीत प्रतियोगिता में 36 छात्र-छात्राओं ने भावपूर्ण प्रस्तुतियां दीं। इसका संयोजन डॉ. अनुपमा कौशिक एवं डॉ. तूलिका मिश्रा ने किया। लोकनृत्य में 12 प्रतिभागियों ने पूर्वांचल की लोकसंस्कृति एवं देशभक्ति की झलक प्रस्तुत की।
तरंग की निदेशक प्रो. उषा सिंह ने बताया कि दीक्षोत्सव के तहत मंगलवार को दोपहर 12 बजे से भाषण और एक बजे से चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित होगी। विजयी प्रतिभागियों को दीक्षांत समारोह के मंच से कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल के हाथों सम्मानित होने का मौका मिलेगा।