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डीडीयू : विश्वस्तरीय होगा केंद्रीय ग्रंथालय, जीर्णोद्धार को मिलेगी मंजूरी

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विकास समिति और वित्त समिति की बैठक कल, मंजूरी मिलना तय
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यूपीआरएनएन को दी गई है प्रस्ताव तैयार करने की जिम्मेदारी
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के लगभग जर्जर हालत में पहुंच चुके केंद्रीय ग्रंथालय के दिन अब बहुरेंगे। डीडीयू प्रशासन न सिर्फ उसका जीर्णोद्धार कराएगा बल्कि विश्वस्तरीय भी बनाएगा। 11 अगस्त को विकास परिषद और वित्त समिति की बैठक है। इसमें इस परियोजना को मंजूरी मिलना लगभग तय है।
डीडीयू की स्थापना के शुरुआती दौर में ही केंद्रीय ग्रंथालय का निर्माण हुआ था। पिछले सात दशक में यह ग्रंथालय बहुत समृद्ध हुआ है। हालांकि भवन पुराना हो जाने के कारण दयनीय हालत में है। कई जगह दीवार व छतें जर्जर हालत में पहुंच गई हैं। इससे दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है। छात्रों की तरफ से कई बार इसके जीर्णोद्धार की मांग उठाई गई है। इसे देखते हुए अब केंद्रीय ग्रंथालय के जीर्णोद्धार को प्राथमिकता सूची में शामिल किया गया है। इसे एजेंडा में भी शामिल किया गया है। इसका प्रस्ताव उप्र राजकीय निर्माण निगम से तैयार कराया जा रहा है।
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बदलते दौर के हिसाब से डिजाइन होगा ग्रंथालय
डीडीयू प्रशासन की योजना सिर्फ जीर्णोद्धार भर की नहीं है। इसे बदलते दौर के हिसाब से डिजाइन करने की योजना है। इसके तहत सेंट्रलाइज एसी, मॉडर्न लुक, बैठने की बेहतर व्यवस्था आदि की भी तैयारी है।

इन विभागों में भी कार्यों को मिलेगी मंजूरी
हिंदी विभाग के दूसरी मंजिल पर छत जर्जर हालत में पहुंच चुकी है। दूसरी मंजिल पर ही मीडिया लैब भी बनाया जाना है। वनस्पति विज्ञान विभाग और भौतिकी में भी लैब का जीर्णोद्धार होना है। इसे भी एजेंडा में शामिल किया गया है।

12 को कार्य परिषद की बैठक
डीडीयू में 12 अगस्त को विद्या परिषद और उसके बाद कार्य परिषद की बैठक होगी। इसमें दीक्षांत समारोह के आयोजन को लेकर रूपरेखा तय की जाएगी। दीक्षांत समारोह के आयोजन व पदकों को भी मंजूरी मिलेगी।
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वर्जन-
केंद्रीय ग्रंथालय का जीर्णोद्धार कराए जाने की योजना है। इसे विश्वस्तरीय भी बनाया जाएगा। इसे वित्त समिति की बैठक में रखा जाएगा। अन्य कई कार्यों को भी विकास परिषद व वित्त समिति की बैठकों में रखा जाएगा।
- प्रो. पूनम टंडन, कुलपति, डीडीयू
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